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Wednesday, 26 October 2016

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर 5 रसोइयों ने लगाई नदी में छलांग

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर 5 रसोइयों ने लगाई नदी में छलांग

लखनऊ, हिन्दुस्तान टीम
Updated: 25-10-16 10:07 PM
मानदेय प्रतिमाह दस हजार रुपए दिए जाने समेत आठ सूत्री मांग को लेकर संघर्षरत रसोइयों का मंगलवार को सब्र का बांध टूट गया। सुबह करीब 12 बजे पांच रसोइयों ने गोमती नदी में छलांग लगा दी। छलांग लगाने वालों में शामिल राखी, सीमा और कविता को जैसे ही पुलिस गोताखोरों ने नदी से बाहर निकाला, वे बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज जारी है।
इसी दौरान धरनास्थल के बाहर सड़क जाम कर रही कुछ रसोइयों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें कई चोटिल हो गईं। इतने पर भी उनका गुस्सा नहीं थमा। दोपहर में सभी ने विधानभवन का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन को पुलिस अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद समाप्त कर रसोइयां वापस लक्ष्मण मेला मैदान लौट गईं।
आधे घंटे बाद पहुंची एम्बुलेंस
नदी से बाहर निकाली गईं राखी, सीमा और कविता किनारे पर ही करीब आधे घंटे तक बोहोश पड़ी रहीं। उनकी हालत देख बाकी रसोइये पुलिस प्रशासन से उन्हें अस्पताल पहुंचाने की मांग करने लगे। एम्बुलेंस की व्यवस्था न होता देख रसोइयों ने खुद ही तीनों को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। जैसे ही उन्हें लाद-फांद कर सड़क पर पहुंची पुलिस ने एक बार फिर उन्हें रोक लिया। दोनों पक्षों में जमकर तीखी-नोकझोंक हुई। इतने में एम्बुलेंस बुलाई गई और सभी को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रदर्शनकारियों पर चलाई लाठियां
एक ओर जहां छलांग लगाने वाली रसोइयों को अस्पताल पहुंचाने की मांग उठ रही थी, वहीं दूसरी ओर कुछ प्रदर्शनकारी पीछे के रास्ते से निकल कर सड़क पर पहुंच गईं। उन्होंने पुल से आने-जाने वाले वाहनों को रोक दिया और प्रदर्शन करने लगी। मौके पर पहुंची महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की कोशिश की, पर वह नहीं मानीं। लिहाजा पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई को चोटें आ गईं।
विधानभवन पर भी हुई झड़प
मांगों के संबंध में सीएम से वार्ता करने पर अड़ी रसोइयों ने दोपहर बाद विधानभवन का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के दौरान इन लोगों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। मगर पुलिस ने उन्हें एक किनारे कर दिया। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। आखिर में पुलिस ने जोर जबरदस्ती का रास्ता अख्तियार किया। दोनों पक्षों में जमकर धक्का मुक्की हुई। महिला पुलिस ने कई रसोइयों को घसीट कर विधानभवन के सामने से हटाने का प्रयास भी किया। बावजूद इसके वह डटी रहीं। आखिर में पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने पर सभी धरनास्थल लौट गईं।
बड़े आंदोलन की दी धमकी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइयां एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कटारिया ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांग जल्द नहीं मानी गई तो इससे भी उग्र आंदोलन होगा। उन्होंने हर वर्ष होने वाली चयन प्रक्रिया को समाप्त कर रसोइयों को नियमित किए जाने की मांग उठाई। प्रदेश अध्यक्ष काजल कटारिया ने रसोइयों के बच्चों को उसी विद्यालय में पढ़ने की अनिवार्यता (पाल्य व्यवस्था) समाप्त करने व मानदेय का भुगतान सीधे रसोइयों के खाते में किए जाने की मांग की।

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