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Tuesday, 6 December 2016

हाई कोर्ट ने 16वे संशोधन की इंडेक्स 14(3)b रद्द नही की

C/P
शुभ सन्ध्या मित्रो
हमारी परमादेश का ऑर्डर आ गया है
सबसे बड़ी बात ये कि उसमे रजिस्ट्री को ऑर्डर किया गया हैं कि अग्रिम डेट पर स्टेट के स्टैंडिंग कॉउंसल श्री रवि प्रकाश मेहरोत्रा को कॉज लिस्ट में reflect(शामिल/­प्रतिबिम्बित )करे
क्योंकि मैंने आपको बोला था कि जज साहब ने कोर्ट में खुद कहा था कि ये मामला न्यू ऐड(दोनों ऐड अलग-अलग) इंटरेस्टिंग है
और सबसे चौकाने वाली बात जज साहब हमारा केस जनवरी में सुनना चाह रहे थे लेकिन फिर केस 22 फरबरी को टैग कर दिया था उसके बाद रिट का नेक्स्ट डेट 22 फरबरी को शो कर रहा था लेकिन ऑर्डर कुछ और ही बयां कर रहा है
ऑर्डर में हमारी परमादेश की डेट 27 फरबरी 2017 लगी हैं और मामले को सिविल अपील के साथ टैग नही किया है (इसका मतलब कहीं ये तो नही कि जज महोदय ने दोबारा फ़ाइल पढ़ने के बाद इसे अलग से सुनने का मन किया हो शायद वह न्यू ऐड भी बहाल करना चाहते हो)
मित्रो हाई कोर्ट ने 16वे संशोधन की इंडेक्स 14(3)b रद्द नही की है जिस पर हमारा न्यू ऐड 7-12-12 आया है
इसलिए हमारा ऐड आज भी बचा है 14(3)b में ही बीएड 30% का प्रावधान है
मित्रो मैंने अपनी रिट में 30-11-11का बिलकुल ना विरोध करते हुए दोनों ऐड को अलग-अलग ठहराया है मित्रो आप जान ही रहे हो 4347 में इतनी भीड़ हो जाती है कि सुनवाई ठीक से नही हो पाती
इसलिए 27 फरबरी को अलग से डेट लगना हमारे लिए सौभाग्य की बात है
मित्रो अब हम सभी को आपसी मतभेद भुला कर दोनों ऐड से भर्ती का प्रयास करना चाहिए
हमे आप सभी टेट पास का साथ चाहिए जिस दिन दोनों ऐड से भर्ती हो जायेगी हम लोग कोर्ट ,धरना,निदेशालय इन सभी परेशानियो से दूर हो जायेगे
सरकार ने हम सभी से दोनों विज्ञापन पर अलग फ़ीस भी ली है हमे मिलकर सरकार को दोनों ऐड पर भर्ती करने पर मजबूर कर देना चाहिए
और जज साहब के मानवीय रवैये को देखते हुए लगता है वह दोनों ऐड बहाल करके अब तक हुई सभी भर्ती सुरक्षित कर देगे
क्योंकि आज जो भी लोग जॉब कर रहे है भले वह टेट से हो या अकेडमिक से या याची सभी आशंका से ग्रसित रहते है
दोनों ऐड बहाल होने पर टेट-अकेडमिक का विवाद भी खत्म हो जायेगा
अंत में आप सभी से इतना कहना चाहूँगा आप सभी न्यू ऐड बहाली के लिए साथ दे
"होकर ना मायूस यूँ ही शाम से ढलते रहिये
जीवन भोर हैं सूरज सा निकलते रहिये
एक पैर पर खड़े रहेंगे तो थक जायेगे
धीरे धीरे ही सही चलते रहिये

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