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Tuesday, 2 May 2017

सोशल मीडिया पर आज की सुनवाई को ले कर एक शिक्षामित्र की राय

Shahnawaz Khan Uppsms added 2 new photos — with Gazi Imam Ala and 12 others.  >>>
*स्थिति तनावपूर्ण किन्तु नियंत्रण में।*
आज की सुनवाई में खास खास:- शिक्षामित्रों का पूरा मामला आज कोर्ट के इस सवाल पर आ कर अटक गया कि यदि शिक्षामित्र पिछले दरवाजे से शिक्षक नही बनाये गए हैं तो समायोजन के विज्ञापन में बीएड व बीटीसी को क्यो शामिल नही किया गया? दूसरा बड़ा सवाल राज्य में कितनी रिक्तियां है? और तीसरा सवाल शिक्षामित्र कब कब और कितनी संख्या में नियुक्त हुए?
उपरोक्त सामान्य से सवालो का जवाब राज्य के (कथित टेट धारकों की slp पर उनकी ओर से पूर्व लड़ चुके) महाधिवक्ता अजय मिश्र नही दे सके और न ही नोडल अधिवक्ता ही। इस सब के बाद सुनवाई अगले दिन के लिए जारी रखी गयी। अहसास होता है कि कहीं राज्य की डबल क्रॉस की नीति तो नहीं। दोनो संघ राज्य के अधिवक्ता पर कोई दवाब नही बना सके हैं, r वेंकट रमणी को नही बोलने दिया अजय कुमार मिश्र ने, केके वेणुगोपाल राज्य की तरफ से अपीयर नही हुए। कुल मिलाकर स्थिति तनाव पूर्ण किन्तु नियंत्रण में है। अगर समायोजन निरस्त होगा तो संगठनों की लापरवाही और राज्य की लचर पैरवी से होगा। 
अभी भी समय है उपरोक्त तथ्यों को लेकर संघ पर आम शिक्षामित्र दवाब बनाएं।
*सुनवाई कल भी जारी रहेगी, अगर राज्य मज़बूत पैरवी करता है तो जीत होगी अन्यथा समस्या तो है ही।* उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ और अन्य सुप्रीम कोर्ट ग्रुप के अधिवक्ता और अन्य टीमों के अधिवक्ता कल अपना मज़बूत पक्ष रखेंगे। हालांकि आज भी शन्ति भूषण, कोलिन गोंसाल्विस, और शांति भूषण आदि ने अच्छी बहस की।
केस बिना हमें सुने निर्णीत तो नही होगा लेकिन कुछ सवालों के जवाब सिर्फ राज्य को ही देना होंगे। बिना जवाब दिए काम नही चलने वाला। राज्य की लचर पैरवी के कारण बात बिगड़ी जबकि कोर्ट नियुक्त शिक्षकों को अभी भी यथावत रखने के पक्ष में थी। अगर कल राज्य ने बात संभाल ली तो ये संभव हो सकेगा।।

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