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Friday, 14 July 2017

राज्य कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता बढ़ा

राज्य कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता बढ़ा

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ाकर दो से चार फीसद करने का आदेश जारी कर दिया है। राज्य कर्मचारी जनवरी से इसकी मांग कर रहे थे। इस मंजूरी के बाद 12 लाख राज्य कर्मचारियों, छह लाख शिक्षक व शिक्षणोतर कर्मचारियों और तीन लाख से ज्यादा निकाय व निगम कर्मचारियों का जहां वेतन बढ़ेगा, वहीं करीब साढ़े छह लाख वरिष्ठ नागरिकों के पास भी अब बढ़ी हुई पेंशन पहुंचेगी। 1वित्त सचिव अजय अग्रवाल की ओर से गुरुवार को जारी किए गए आदेश के मुताबिक महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जनवरी, 2017 से लागू होगा। जनवरी से जुलाई तक महंगाई भत्ते का एरियर भविष्य खाते में जमा किया जाएगा और एक अगस्त से उस पर ब्याज मिलेगा। फाइनल विदड्रॉल के मामलों को छोड़कर बाकी अधिकारी और कर्मचारी 31 जनवरी, 2018 से पहले यह रकम नहीं निकाल सकेंगे। अगस्त से यह भत्ता वेतन में जुड़ेगा, जिसका पहला भुगतान सितंबर में मिलने वाले अगस्त के वेतन के साथ नकद किया जाएगा। जिनका भविष्य निधि खाता नहीं खुला है, उनका एरियर पीपीएफ खाते में जमा किया जाएगा या नेशनल सेविंग सार्टीफिकेट (एनएससी) के रूप में दिया जाएगा। ऐसे मामलों में रकम के जितने अंश का सार्टीफिकेट नहीं मिलेगा, वह नकद दी जाएगी।

पेंशनधारकों को मिलेगी नकद रकम: राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का 10 फीसद एरियर उनके टियर-1 पेंशन खाते में जमा होगा और राज्य सरकार भी इतनी रकम पेंशन खाते में देगी। शेष 90 फीसद रकम या तो एनएससी के रूप में मिलेगी या पीपीएफ में जमा कर दी जाएगी। सेवानिवृत्त हो चुके या अगले छह महीने में रिटायर होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का एरियर नकद दिया जाएगा।

1यह पड़ेगा फर्क: महंगाई भत्ता बढ़ने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर शीर्ष स्तर तक के अधिकारियों के वेतन में करीब 380 रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक का फर्क आएगा। अनुमान के मुताबिक प्रतिमाह औसतन 19,900 रुपये वेतन पाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वेतन में 380 रुपये, 44,900 रुपये पाने वाले तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 880 रुपये, 67,700 रुपये पाने वाले क्लास-2 अधिकारियों को 1300 रुपये और 2.08 लाख रुपये तक वेतन पाने वाले क्लास-1 अधिकारियों के वेतन में चार हजार रुपये की वृद्धि होगी। यह भत्ता दिए जाने से प्रदेश सरकार पर हर महीने करीब दो हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

विसंगतियां भी दूर करे सरकार: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्र ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। साथ ही छठे वेतन आयोग से संबंधित विसंगतियों को भी दूर कर कर्मचारियों को लाभ दिए जाने की मांग भी की है। मिश्र ने बताया कि वेतन समिति के अध्यक्ष जी.पटनायक ने रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री से समय मांगा है। कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इसके लिए समय देकर कैबिनेट से फैसला कराने का आग्रह किया है। परिषद का कहना है कि इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

छह महीने पीछे हैं राज्य कर्मचारी: सातवां वेतनमान केंद्र व प्रदेश में एक साथ लागू हुआ था, लेकिन महंगाई भत्ते के मामले में राज्य के कर्मचारी केंद्रीय कर्मियों से छह महीने पीछे चल रहे हैं। केंद्र व राज्य दोनों ने पिछले साल दो फीसद महंगाई भत्ता लगाया था। केंद्र ने तुरंत दे दिया लेकिन, राज्य में यह जनवरी से मिला। जनवरी में केंद्र ने महंगाई भत्ता दो फीसद और बढ़ा दिया, जो प्रदेश में अब दिया गया है। इसी बीच केंद्र ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन फीसद और बढ़ाते हुए सात प्रतिशत पर पहुंचा दिया है। राज्य कर्मचारियों की अगली मांग भी यही है कि महंगाई भत्ते को तीन फीसद और बढ़ाकर इसे केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर लाया जाए।

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