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Tuesday, 27 February 2018

7वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 21 हजार रुपए होगी न्यूनतम सैलरी!

7वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 21 हजार रुपए होगी न्यूनतम सैलरी!

Zee News Hindi 26 Feb. 2018 15:49

लाखों सरकारी कर्मचारी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद अपने बढ़े हुए वेतन का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच, ये खबर आई है कि सरकार अप्रैल से बढ़ी हुई सैलरी देना शुरू कर सकती है.

मैट्रिक्स स्तर से 1 से 5 के वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई जा सकती है.

खास बातें

7वें वेतन आयोग के तहत अप्रैल से मिल सकती है बढ़ी हुई सैलरी
न्यूनतम सैलरी और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने का फैसला संभव
18000 रुपए से बढ़ाकर 21 हजार रुपए की जा सकती है न्यूनतम सैलरी
नई दिल्ली: लाखों सरकारी कर्मचारी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद अपने बढ़े हुए वेतन का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच, ये खबर आई है कि सरकार अप्रैल से बढ़ी हुई सैलरी देना शुरू कर सकती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने न्यूनतम सैलरी और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने का फैसला किया है. आपको बता दें, अरुण जेटली ने दो साल पहले राज्यसभा में बढ़ा वेतन देने का वादा किया था. इसके अलावा 6 जुलाई, 2017 को केंद्र सरकार ने 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) की सिफारिशें गजट में छापी थीं. सातवें वेतन आयोग के मुताबिक केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी हर महीने 7 हजार से लेकर 18 रुपए तक बढ़ सकती है.
21000 रुपए हो सकती है न्यूनतम सैलरी
अंग्रेजी अखबार सेन टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, मैट्रिक्स स्तर से 1 से 5 के वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई जा सकती है. इनकी न्यूनतम सैलरी को तय वेतन 18000 रुपए से बढ़ाकर 21 हजार रुपए किया जा सकता है. वहीं, फिटमेंट फैक्टर को भी 2.57 गुना से बढ़ाकर 3 गुना किया जा सकता है. कर्मचारियों को इसका फायदा एक अप्रैल 2018 से मिल सकता है. हालांकि, केंद्रीय कर्माचरियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपए महीने बढ़ाने के बजाय 26,000 रुपए महीने की जाए. इसके अलावा फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुना से बढ़ाकर 3.68 गुना कर दिया जाए.
निम्न स्तर के कर्मचारियों को होगा फायदा
एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि वित्त मंत्री अरुण जेटली मध्य स्तर के कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि के बजाय निम्न स्तर के कर्मचारियों को चुनना पसंद करेंगे. इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापक मध्य-स्तरीय कर्मचारियों को ज्यादा वृद्धि नहीं दिखाई देगी, क्योंकि, आय के ध्रुवीकरण के लंबे समय से चलने वाले रुझान और केंद्रीय सरकार के विभागों में सिकुड़ते मध्य स्तर को देखते हुए ऐसा लगता है.
वित्त मंत्री लेंगे फैसला
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री 30 अक्टूबर 2017 के डीओपीटी पत्र की अनदेखी कर खुद मामले को देख रहे हैं और अप्रैल से वेतन वृद्धि को लागू करने के लिए संबंधित हितधारकों के साथ मामले की चर्चा कर रहे हैं. 12 फरवरी को वित्त मंत्रालय ने सभी समूहीय अधिकारियों के समूह के साथ-साथ केंद्रीय बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (सीबीईसी) के तहत सभी निदेशालयों के ग्रुप बी और सी केडर के कर्मचारियों के विलय का निर्देश दिया.
एरियर का नहीं मिलेगा फायदा
सूत्रों की मानें तो सातवें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी और फिटमेंट फैक्टर अगर लागू होता है तो कर्मचारियों को एरियर का फायदा नहीं मिलेगा. पिछले हफ्ते की कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि अप्रैल 2018 से बढ़ी हुई सैलरी मिल सकती है. लेकिन, सरकार एरियर देने के मूड में नहीं है. वहीं, सरकार के वित्तीय सलाहकारों ने वेतन वृद्धि से अतिरिक्त बोझ पड़ने की बात कही थी.
कमेटी का गठन किया गया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है. इसमें सभी विभागों के अधिकारियों और मंत्रियों को शामिल किया गया है. इस समिति में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सचिवों के अलावा डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग, पेंशन, रिवेन्यू, एक्सपेंडेचर, हेल्थ, रेलवे बोर्ड के साइंस एंड टेक्नॉलोजी के चैयरमेन और डिप्टी कैग इसके मेंबर हो सकते हैं. हालांकि, अभी तक इस कमेटी के बारे में भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

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