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Monday, 4 June 2018

29334 Appearing केस पर संघ की राय


C/P

⛔ *"टीम संघ"  टेट-11 बी.एड-12 हाई कोर्ट अपडेट*

*ओम नारायण तिवारी*✍🏼✍🏼....

📛 _इलाहाबाद उच्च न्यायालय_
📛 _अपील संख्या- 506/2018_
📛 _अपीलकर्ता-प्रभात कुमार वर्मा_
📛 _न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता एवं न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ_
📛 _मुद्दा NCTE की guidelines दिनाक 11 फरवरी 2011 के क्लॉज़(ii) की व्याख्या, जिसके अंतर्गत प्रशिक्षण डिग्री में appear/persue होते हुए टेट परीक्षा में शामिल की वैधता_
📛 _अपीलकर्ता द्वारा(सिंगल बेंच न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र की बेंच में यह प्रार्थना कि)_
      1. _ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रशिक्षण योग्यता 2012/13 में पूरी की, टेट परीक्षा 2011 में पास की, उनकी नियुक्ति को निरस्त करना।(टेट-11-12 मसला)_
      2. _ऐसे अभ्यर्थी जिनके स्नातक में गणित/विज्ञान विषय न हो उनकी नियुक्ति को निरस्त करना(प्रोफेशनल केस)_

🔀 *उक्त जजमेन्ट की विशेषताएं*

   👉 _*आदेश पूर्णतया दिशाहीन, त्रुटिपूर्ण और स्वयं में विरोधाभाषी है।*_

   👉 _*वाद में मुख्य विवाद टेट-11 बीएड-12 का था लेकिन विवाद का दायरा बीएड सत्र 2010-11 तक पहुंचा दिया*_

   👉 _*आदेश में रेस्पोंडेंट पक्ष की बात तो हवा में ही उड़ा दी गयी और जजमेन्ट को ऐसी दिशा दे दी गयी जैसे रेस्पोंडेंट पक्ष केस में अर्थहीन हो।*_

  👉 _*बीएड सत्र -2010-11 के पक्ष में होते हुए भी आदेश में ऐसा ऐसा विरोधाभास बना दिया गया कि 2010-11 सुरक्षित होते  हुए असुरक्षा के ऐसे दायरे में आ गया जहाँ जरा सा घाव बड़ा जख्म बन सकता है।(सन्दर्भ पेज 7 एवं पेज 8)*_

  👉 _*एक ऐसा भ्रामक आदेश जहाँ सभी के लिए कुछ न  कुछ है, 2011-12 पूरी तरह नुक्सान प्राप्त कर चुके हैं, 2010-11 वालों के जख्म के लिए ऐसा मलहम , कि आदेश की व्याख्या में उन्हें सुरक्षा मिल जाती है, सरकार और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस judgment की आड़ में एक ऐसा हथियार मिल गया है जिसे वो 2010-11 एवं 11-12 के अभ्यर्थियों की प्रताड़ना ( exploitation ) के लाइसेंस का तौर पर प्रयोग कर सकते है, और उसके बाद प्रत्येक व्यक्ति अपना अपना केस निपटे।*_

👉 _*impugned judgment के सिंगल बेंच के आदेश, जिसमे अपीरिंग/पेरसुइंग की परिभाषा सही स्तर से परिभाषित थी, उनको डिवीज़न बेंच द्वारा इतना goofed और पेंचीदा बना दिया गया है जहाँ से किसी भी निष्कर्ष को निकालना पूंर्णतः अव्यहारिक हो गया है और सुप्रीम कोर्ट के द्वारा उसकी परिभाषा करना आवश्यक हो गया है*_

👉 _*और सबसे मजेदार बात जिस अथॉरिटी के क्लॉज़ की परिभाषा का विवाद, बिना उसका पक्ष जाने उसी पर फैसला*_

   👉  _*प्रोफेशनल केस में सिंगल बेंच के आदेश, जिसमे बीएसए को अधिकार दिया गया था कि अभ्यर्थी के केस को वेरीफाई करके स्वयं।निर्णय ले, को upheld किया है।*_

📛 *इस आदेश के प्रभाव*
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      _अब इस आदेश में जो भी हुआ, ऊपर आपको अवगत_ _कराया किन्तु आदेश के प्रभाव को कैलकुलेट करना, अंडर एस्टीमेट करना होगा, माननीय न्यायमूर्ति साहब ने शायद इसआदेश के प्रभाव को ध्यान में नहीं रखा होगा कि इसके चुम्बकीय क्षेत्र में कौन कौन आकर्षित होगा।_
*यह बात स्वयं समझने योग्य है जिस पर अधिक प्रकाश डालना उचित नहीं।*

⏩🔀 *अंततः सार*⏪🔀

_टेट-11 बीएड-12 की जमीन इतनी मजबूत  है कि इस पर 2011 से अब तक अधिकतर शिक्षक भर्तीयों की बिल्डिंग टिकी है लेकिन इतनी मजबूती में भी घाव हुआ ये दुखद है। यहाँ  आवश्यक है कि इस घाव को नासूर बनने से पहले सूखा दिया जाये।_
                 _इस क्रम में सभी साथियों की एकजुटता बेहद आवश्यक और अपेक्षित है अभी संघर्ष एक जुट होगा तो सरल होगा अन्यथा भविष्य में संघर्ष अगर एकल करना पड़ा तो जटिल और कठिन होगा।_

   🎯 *चूँकि यह लड़ाई सिर्फ टेट-11, बीएड-12 या 10-11 की नहीं है 29334 गणित/विज्ञानं में प्रत्येक चयनित साथी की लड़ाई है इसलिए टीम उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ पूरी तरह इस लड़ाई में आप सभी को आस्वस्त करती है प्रत्येक कदम पर प्रत्येक चयनित साथी के लिए संघर्ष किया जायेगा और यह आपको पूंर्णतः आश्वस्त करता हूँ कि इस संघर्ष को अपने पक्ष में लाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है जिनके आधार पर आगे के संघर्ष का रास्ता तैयार किया जा रहा है।*
🙏 _आप सभी से इस संघर्ष में साथ देने का आह्वान करता हूँ।_
      _सभी साथी धैर्य रखें, विस्वास रखें और कर्म को विजयी बनाने में अपना योगदान दें।_
_धन्यवाद_

*टीम उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश*

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