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Tuesday, 5 June 2018

Appearing मुद्दे पर सोशल मीडिया से विभिन्न पोस्ट


😈

C/P

Ⓜमोर्चा परिवारⓂ
साथियो नमस्कार.....
अपीरिंग केस और प्रोफेशनल केस से जुड़े मुद्दे पर माननीय हाई कोर्ट मे हुई सुनवाई उपरांत इस मुद्दे से जुड़े 29334 गणित विज्ञान साथियो पर आई इस समस्या का निराकरण हेतु एक मीटिंग मोर्चा परिवार द्वारा 10 जून को आयोजित की जा रही है। मुद्दे से प्रभावित साथी और अन्य साथी भी पहुँचे

स्थान:- *जीपीओ पार्क*
             *लखनऊ*

तिथि:-          *10/06/2018*

आपका साथी
         *मोर्चा परिवार*
धन्यवाद
🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯Suchana :---
🙏🙏
Namskar sathiyo .
🍇🍇🍅🍇🍇🍅🍅

Garmi me cool rahe aur ekjut ho punah hme kamar ks lena hai order effected chaynit shikshak sathiyo hmari puri legal team aapke sath hai .

Jaisa ki order a chuka hai .

1....Order ke anusar  Tet 2011 result declaration ke bad jinke B.Ed result ghosit hua hai vah avaidh hai high court ke adesh anusar .

      Aisa hi order aya tha high court ke Chiefjustice ka 15th ammedment se chaynit 29334 selected candidates ki naukari khatre me 2 december 2016 ko . Pure pradesh me jashn manaya gya aur hm sabhi avsadgrast the . Parantu mai kabhi nhi tha . Team Jrt ko ekjut kiya gya BTC walo ko ekjut kiya gya sanghthit ekjutata ka result hua 25 july 2017 ko supreme court se hmara 15th ammedment bahal hua aur sabhi academik bhartiya surakshit huyi .

2......Sathiyo aap sabhi n ghabdaye . Sawdhani aur satarkataka baratiye team is pr gahan manthan kr rahi hai bahut jald team JRT Supreme Court is mudde pr varistha advocate se salah krke punah apne jrt chaynit order effected shikshak sathiyo ke future ko dhyan me rakhte huye 1 writ is order ke khilaf supreme court me dayer kregi . Bhaiya naukari karo bindas aur prabhavi pairavi se apni job ko surakshit kijiye .

3.... HME PURN VISHWAS HAI KI 1 BHI CHAYNIT SHIKSHAK SATHI KA BAL BANKA NAHI HOGA YADI SAHI TARIKE SE PAIRAVI HUYI AUR APLOG TEAM KO COMMITED SUPPORT ME SUPREME COURT EKJUT RAHENGE .

REGARDS
Arbind Kumar Rai
   (Asst. Teacher 29334 selection )
Mission Supreme Court Shikshak welfare Sangh Core Team .
✍✍✍
🌈🌈🌈🌈🌈
💪💪💪💪
Jald hi Omnarayan Tiwari and Krish Singh Sangh team is par jankari degi . Nischit rahe 1 bar punah Vijay maidan mission supreme court fatah hetu team puri taiyari ke  sath aa rahi hai .

Jai JRT 29334 CHAYNIT
SHIKSHAK SAMAJ .

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साथियों निर्णय का मुख्य सार कुछ इस प्रकार है।👇👇

वर्तमान निर्णय में उल्लिखित रिट पिटीशन *नं - 26660/2013 रामबाबू विश्वकर्मा Vs उत्तर प्रदेश* में दिया गया निर्णय कुछ इस प्रकार था।👇👇

शब्द *Pursuing* का अर्थ यह है कि वो अभ्यर्थी जो अपने कोर्स के *Final stage* पर *शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा* में सम्मिलित हो रहे हैं या जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है , आयेंगे , तथा *Pursuing* में वे अभ्यर्थी बिल्कुल भी नहीं आयेंगे जिन्होंने अभी-अभी *शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स* में प्रवेश लिया है।

(ध्यान रहे कोर्ट ने एक जगह *शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा* और एक जगह *शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स* कहा है , स्पष्ट है कि कोर्ट , "कोर्स" (अर्थात प्रवेश) और "परीक्षा" में स्पष्ट विभेद कर रहा है।)

*👆👆यह पूर्व उल्लिखित केस से लिया गया है और वर्तमान निर्णय के पृष्ठ 5 पर उल्लिखित है , स्वयं देखा जा सकता है।*

वर्तमान निर्णय में कोर्ट ने उपर्युक्त निर्णय को यथावत रखते हुए कुछ और भी जोड़ दिया है , अर्थात जो उपरोक्त में पात्र हैं वो प्रत्येक दशा में पात्र हैं ! निम्नवत्। 👇👇👇

शब्द *Pursuing* को केवल उपर्युक्तानुसार ristrict नहीं किया जा सकता है , बल्कि जो *शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स में अध्ययनरत हैं लेकिन परीक्षा नहीं हुई है* वे भी *Pursuing* की श्रेणी में आयेंगे , लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि (केवल इसी क्लाज के लिए) इनकी शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम TET परिणाम तक (या पहले) आ गया हो !

*👆👆वर्तमान निर्णय के पेज 7 पर अंकित*

(बीएड बैच -2011 के लिए उपर्युक्त पहला नियम लागू होता है , दूसरा नियम नहीं।👇👇👇)

नोट-इसी स्पष्टीकरण के फलस्वरूप लोग कन्फ्यूजन में हैं कि 2011 बैच के बीएड/बीटीसी में अध्ययनरत जिन साथियों का परीक्षा परिणाम 25-11-2011 तक नहीं आया है उनकी TET-2011 की मार्कशीट मान्य नहीं है ।  जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है और बीएड/बीटीसी बैच 2011 के लिए TET-2011 की मार्कशीट पूरी तरह से वैध है। क्योंकि बीएड बैच 2011 के प्रत्येक छात्र का 30 जून 2011 को अपने प्रवेशित सीट से दावा पूरी तरह से खत्म हो गया था (अर्थात पढ़ाई पूरी हो गई थी और विश्वविद्यालयी परीक्षा देने के लिए तैयार) क्योंकि इसी आधार पर 1 जुलाई 2011 से उक्त सीट को खाली मानकर सत्र 2011-2012 के लिए *बरेली विश्वविद्यालय द्वारा Bed में प्रवेश हेतु 13 जुलाई 2011 से राज्य स्तरीय काउंसलिंग आयोजित की गई थी* अर्थात 01 जुलाई 2011 से सभी बीएड की सीटों को खाली मान लिया गया था , इसका अर्थ है कि Bed बैच 2011 में जिनकी परीक्षा इस तिथि में नहीं हुई थी वो Pursuing के अंतर्गत अध्ययनरत नहीं माने गए , बल्कि *Going to participate in the examination* माने गए , इसका अर्थ यह है कि बीएड बैच -2011 के लिए 25 नवंबर 2011 का डेट कोई मायने नहीं रखता है क्योंकि यह डेट अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए है ना कि *Going to participate in the examination* के लिए।

और वर्तमान निर्णय में एक निर्णय और है 👇👇

समस्त बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे चयनित अभ्यर्थी जिनके स्नातक में एक विषय के रूप में *गणित/विज्ञान* नहीं है , इनको सुनवाई का एक अवसर देकर चयनित सूची से बाहर करें।

*👆👆 वर्तमान निर्णय के पेज 11पर अंकित*

नोट- उपर्युक्त लेखन में त्रुटि हो सकती है । किसी *विसंगति/त्रुटि/भ्रम* की दशा में कृपया मूल आदेश का अध्ययन करें।

   *वासुदेव कुमार*
AT-UPS , सिद्धार्थनगर।◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

C/P

साथियों नमस्कार
हाई कोर्ट से अपीयरिंग और पर्सुइंग मामले को लेकर आये फैसले पर बहुत लोग अपने अपने तरीके से व्याख्या कर रहे है
हाई कोर्ट के फैसला वैज्ञानिक तथ्यों से बिल्कुल परे है
ना तो उसमें गाइडलाइंस बनाने वाली संस्था ncte को सुना गया नाही प्रतिवादी को ना ही स्टेट को
सबसे गजब की बात ये है कि प्रतिवादियों की तरफ से वरिष्ठ वकील आर के ओझा जी ,एच एन सिंह जी और वी के सिंह जी के आर्गुमेंट ऑर्डर में मेंशन भी नही है
ये एक फैसला नही बल्कि जज साहब का pursing पर स्वयं का व्यू है भले ही ये आदेश अभी 29334 पर प्रभावी हो लेकिन इसका दायरा बहुत व्यापक है इसमें 2011 से लेकर अब तक जितनी भी भर्तियां हुई है करण्टली 12460 तक के कंडीडेट प्रभावित होंगे
पता नही जज साहब को क्या जल्दी थी कि 2 दिन में(जिसमे एक दिन ही सुनवाई हुई) रिटायर होने से पहले फैसला दे दिया
जैसे जज साहब मूड बना कर आये हो कि हमे रिटायरमेंट से पहले इस पर बिना किसी को सुने और समझे निर्णय देना है
ये आदेश 20 नबम्बर 2013 के टेट मेरिट के आदेश की तरह ही अकल्पनीय आदेश है जिसका set aside होना तय है
क्योंकि आदेश में बहुत खामियां है जिसको मैं यहाँ पर नही लिख सकता
अगर जज साहब का इंटरप्रटेशन मान लिया जाए तो नेट एग्जाम ,गेट एग्जाम जैसे एग्जाम की गाइडलाइंस स्वतः ही खत्म हो जाएगी
सुप्रीम कोर्ट के सर्विस मैटर के एक बहुत बड़े सीनियर एडवोकेट और हाई कोर्ट के एक पूर्व जस्टिस से हुई वार्ता के अनुसार अगर ये आदेश लागू हुआ तो नेट और गेट और कई एग्जाम कंडक्ट कराने वालों को अपनी गाइड लाइन बदलनी पड़ जाएगी

हाई कोर्ट के जज साहब को वैज्ञानिक तथ्यो को समझ कर और ncte से जबाब लेकर मामले को डिसाइड करना था लेकिन उन्होंने अपनी सोच को ऑर्डर में थोप दिया है
और pursuing को रिजल्ट अवेटेड मान लिया
जोकि पूर्णतः गलत है
बाकी प्राइमरी वाले भाई जो ईको गार्डन में धरने में बढ़ चढ़कर सम्मिलित हो
बहुत जल्द pursuing का विवाद सुप्रीम कोर्ट से क्लियर हो जाएगा
बाकी मै औरों की तरह फेसबुक पर लंबा भाषण नही देता ना ही खुद जज बनता हूँ
बहुत जल्द कोर्ट की लड़ाई कोर्ट से लड़कर ही जीती जाएगी जिसके लिए हमारी टीम हर तरीक़े से सक्षम है
आपका भाई
वृजेन्द्र कश्यप

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