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Sunday, 9 June 2019

NET या PhD हैं तो 6 माह में मिलेगी नौकरी, UGC ने दिया है ये आदेश

NET या Ph.D. हैं तो 6 माह में मिलेगी नौकरी, UGC ने दिया है ये आदेश



यूजीसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी कॉलेजों- यूनिवर्सिटीज को छह महीने के भीतर खाली पदों को भरने के लिए कहा है.UGC ने ये गाइडलाइन जारी करते हुए सभी केंद्रीय यूनिवर्सिटी, कॉलेजों के अलावा डीम्ड विश्वविद्यालयों को भी सभी पद भरने को कहा है.


 





यूजीसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी कॉलेजों औ यूनिवर्सिटीज को 6 महीने के भीतर खाली पदों को भरने के लिए कहा है.UGC ने ये गाइडलाइन जारी करते हुए सभी केंद्रीय यूनिवर्सिटी, कॉलेजों के अलावा डीम्ड विश्वविद्यालयों को भी सभी पद भरने को कहा है.


यूजीसी की ओर से देश के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और डीम्ड विश्वविद्यालयों को रिक्त पदों को भरने के लिए छह महीने की समय सीमा दी गई है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसी सप्ताह ये आदेश सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को दिया है. आदेश के मुताबिक शिक्षण संस्थानों में खाली पदों की पहचान से लेकर उम्मीदवारों के चयन तक का शेड्यूल जारी किया गया है. कुल छह माह की समय सीमा में ये पद भरने हैं.

इसमें सामान्य और आरक्षित श्रेणी के पदों को भरते समय रोस्टर नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं. विश्वविद्यालयों के कुलपति को लिखे गए पत्र में यूजीसी ने कहा है कि उच्च शैक्षिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण टीचिंग फैकल्टी की कमी एक बड़ी चिंता है. इसे सुधारने के लिए तत्काल यह कदम उठाना वक्त की मांग थी. बता दें कि देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में टीचरों की कमी है, इसका असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है. केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपतियों और शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को इस आदेश पर तुरंत अमल करने को कहा गया है. ऐसा न करने पर अनुदान तक वापस ली जा सकती है.

5  लाख से ज्यादा पद खाली

एक अध्ययन के मुताबिक देश भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कम से कम पांच लाख पद खाली हैं. सिर्फ 48 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कम से कम 5,000 पद खाली हैं. यूजीसी देश भर के 900 विश्वविद्यालयों और 40,000 से अधिक कॉलेजों की देखरेख करता है.

20 जून तक देनी है जानकारी

यूजीसी ने कहा है कि छह महीने की समयावधि में रिक्त पदों पहचान करके 15 दिनों तक इसकी जानकारी NHERC पोर्टल पर 20 जून, 2019 तक अपलोड करना है. 30 दिनों के भीतर प्रत्येक संस्थान के सक्षम प्राधिकारी को इसकी स्वीकृति देने की आवश्यकता होती है. पदों को अगले 15 दिनों में विज्ञापित किया जाना चाहिए, फिर चयन समितियों का गठन और उनकी बैठकों के लिए तारीखें निर्धारित की जानी चाहिए.

चौथे महीने के अंत तक आवेदनों की जांच की जानी चाहिए और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को भेजे गए साक्षात्कार पत्र संस्थान की वेबसाइट पर भी अपलोड किए जाने चाहिए. चौथे महीने के अंत तक, आवेदनों की जांच की जानी चाहिए और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को भेजे गए साक्षात्कार पत्र संस्थान की वेबसाइट पर भी अपलोड किए जाने चाहिए. पांचवा महीना साक्षात्कार आयोजित करने और अंतिम उम्मीदवारों के चयन करने के लिए आरक्षित है. इसके बाद छह महीने के अंत तक नियुक्ति पत्र जारी करें.

Friday, 7 June 2019

बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक बनेगा एक ही आयोग, शिक्षक भर्ती में आएगी तेजी,


बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक बनेगा एक ही आयोग, शिक्षक भर्ती में आएगी तेजी,


Wednesday, 5 June 2019

Hariyana Public Service Commission (HPSC) Invites applications for various posts



Hariyana Public Service Commission (HPSC) Invites applications for various posts



Total posts- 03
Post Name- Dy Director (Statistics)
Education- Post Graduation in the relevant subject /CA/CS/CFA and minimum 3 years experience
Age Limit- 42 years
WebsiteClick Here
Application process- Apply online  and keep the printout.
Last Date- June 28, 2019

CUH Invites applications for various posts

CHU Invites applications for various posts



Total posts- 14

Post Name- Registrar, finance officer,PRO, Exicutive Engineer , Medical officer

Education- Different different as per the post

Age Limit- as per the post

WebsiteClick Here

Application process- Apply online  and keep the printout.

Last Date- June 30, 2019

Tuesday, 4 June 2019

रिटर्न में एचआरए और होम लोन पर एक साथ कैसे लें आयकर छूट, जानिए

रिटर्न में एचआरए और होम लोन पर एक साथ कैसे लें आयकर छूट, जानिए



 

 



income tax


खास बातें

खास बातें


-1.5  लाख रुपये तक होम लोन ब्याज पर सालाना मिलती है छूट


-50 फीसदी मूल वेतन का एचआरए दावा किया जा सकता है मेट्रो शहरों में


रिटर्न दाखिल करने की तयारी में जुटे आयकरदाताओं के मन में टैक्स छूट को लेकर कई संशय होंगे। नौकरीपेशा करदाताओं को वेतन के अलावा अन्य स्रोतों से मिलने वाली आय पर भी टैक्स छूट मिलती है। आपके वेतन में शामिल एचआरए पर रिटर्न के समय टैक्स छूट का दावा करते हैं, इसी तरह होम लोन की ईएमआई पर भी आपको राहत मिलती है। हालांकि, आपको ये नहीं पता होगा कि रिटर्न में एचआरए और होम लोन की ईएमआई पर एक साथ दवा कर सकते हैं। आयकर कानून आपको दोनों ही स्रोत पर टैक्स छूट पाने की स्वतंत्रता देता है ।

दोनों तरह की छूट के अलग कानून

आयकर अधिनियम अलग-अलग वर्गों के तहत स्वतंत्र रूप से गृह किराया भत्ता (एचआरए) और होम लोन कटौती का कार्य करता है। दोनों एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं। एचआरए आयकर कानून की धारा 10 (13 ए) नियम 2 ए के तहत नौकरीपेशा लोगों को दिया जाता है, जबकि होम लोन पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी (मूल भुगतान पर कर लाभ) और धारा 24 (ब्याज भुगतान पर कर लाभ) के तहत कर लाभ दिया जाता है। लिहाजा कोई भी नौकरीपेशा आयकरदाता रिटर्न भरते समय दोनों ही तरह की छूट उठाने को कानूनी रूप से स्वतंत्र है।

ऐसे मिलेगा एचआरए का लाभ

एचआरए पर टैक्स छूट का फायदा सिर्फ नौकरीपेशा लोगों को ही मिलेगा, बिजनेस करने वालों को नहीं। इसका फायदा उठाने के लिए कर्मचारी को उस घर के किराये पर खर्च करना जरूरी होगा, जिसमें वह रह रहा है। अगर घर में उसके बजाय कोई और शख्स रह रहा है तो किराये पर एचआरए का फायदा उस कर्मचारी को नहीं मिलेगा। इसी तरह अगर कोई कर्मचारी अपने नियोक्ता को संपत्ति देता है और बदले में नियोक्ता उसी कर्मचारी को अलॉट कर उस पर कुछ किराया वसूलता है, तो एचआरए का फायदा नहीं दिया जा सकता। अगर कर्मचारी भी संपत्ति में सह मालिक है और वह दूसरे सह-मालिक को कुछ किराया चुकाता है तो ऐसे भुगतान पर भी आयकर अधिनियम की धारा 10 (13 ए) नियम 2 ए के तहत एचआरए का दावा नहीं किया जा सकता।

होम लोन पर छूट के लिए ये शर्त

किसी नौकरीपेशा को होम लोन पर टैक्स छूट दो तरह से मिलती है। आयकर की धारा 80 सी के तहत होम लोन के प्रिंसिपल यानी मूल धन पर और धारा 24 (बी) के तहत सालाना चुकाए गए ब्याज पर। यह छूट पाने के लिए जरूरी है कि वह शख्स किसी संपत्ति का मालिक होना चाहिए। धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट किसी रिहायशी संपत्ति पर उपलब्ध है। वहीं, ब्याज के फायदे रिहायशी, कमर्शियल, बैंक और अन्य जगहों से लिए गए पैसों पर भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा खुद के कब्जे वाली संपत्ति में ब्याज पर फायदा दो लाख रुपये प्रति वर्ष तक सीमित है।



इस तरह एक साथ मिलेगी दोनों छूट


अगर आप किसी शहर में नौकरी करते हैं लेकिन आपने मकान किसी और शहर में लिया है, जिसके लिए बैंक से होम लोन ले रखा है। ऐसी परिस्थिति में आप अपने लोन की ईएमआई पर टैक्स छूट का दावा करने के साथ वेतन में मिल रहे एचआरए पर भी लाभ ले सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर आप उसी शहर में नौकरी करते हैं, जहां आपने मकान खरीदा है लेकिन अभी वह निर्माणाधीन है तो ऐसी स्थिति में भी आयकर कानून आपको एचआरए और होम लोन पर टैक्स छूट का लाभ उठाने की स्वतंत्रता देता है। 

हालांकि, करदाता मकान का निर्माण पूरा होने तक सिर्फ मूल भुगतान पर ही छूट का हकदार होगा । इसी तरह, वह घर जिसे आपने खरीदा है आपके कार्यालय से बहुत दूर है तो ऐसे मामलों में भी आयकर अधिनियम व्यक्ति को एचआरए और होम लोन के लाभ का दावा करने की अनुमति देता है, जिसमें होम लोन पर मूलधन और ब्याज भुगतान दोनों शामिल हैं।

छूट के लिए गलत दावा न करें

एचआरए और होम लोन की साथ छूट लेने के लिए कानून का दुरुपयोग न करें। लिहाजा अगर आप अपने मकान से किराये के रूप में आय लेते हैं, तो एचआरए का दावा न करें। हालांकि, अगर आप अपने आईटीआर में मकान से मिले किराये का खुलासा करते हैं तो होम लोन के साथ एचआरए ले सकते हैं। 

दावा करने में सावधानी बरतें

आयकरदाताओं को एचआरए और होम लोन के मूलधन और ब्याज पर टैक्स छूट का दावा करते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। आयकर कानून में विशेष परिस्थितिओं में ही दोनों तरह का दावा साथ करने की अनुमति है। अगर सही जानकारी न हो तो आपका दावा न सिर्फ गलत साबित होगा, बल्कि कर चोरी का भी मामला बन सकता है।  -अतुल गर्ग, सीए 
 





Monday, 3 June 2019

वेतन भुगतान मामले में बलिया के बीएसए निलंबित

*_एक और निलम्बन_*
*वेतन भुगतान मामले में बलिया के बीएसए निलंबित*

बीएसए संतोष कुमार राय द्वारा श्रीनाथ बाबा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राइमरी प्रभाग में 11 में से नौ शिक्षकों की बिना अनुमोदन आदेश के ही आपसी मिलीभगत कर प्रथम वेतन भुगतान की अनुमन्यता निर्गत किए जाने आदि गंभीर अनियमितताओं के मामले में प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी पाया गया है। बीएसए को उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-4 के अंतर्गत तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।...

जागरण संवाददाता, बलिया : बीएसए संतोष कुमार राय द्वारा श्रीनाथ बाबा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राइमरी प्रभाग में 11 में से नौ शिक्षकों की बिना अनुमोदन आदेश के ही आपसी मिलीभगत कर प्रथम वेतन भुगतान की अनुमन्यता निर्गत किए जाने आदि गंभीर अनियमितताओं के मामले में प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी पाया गया है। बीएसए को उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-4 के अंतर्गत तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए महामहिम राज्यपाल के आदेश से उनके विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह ने उनके अनुशासनिक कार्रवाई के संपादन के लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर मंडल, गोरखपुर का पदेन जांच अधिकारी नामित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। उक्त पत्र की प्रति जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी गई है। अभी और लोगों पर भी गिर सकती गाज

बीएसए के निलंबन की खबर से पूरे विभाग में अचानक भूचाल आ गया है। बिना अनुमोदन वेतन भुगतान के मामले में अभी और लोगों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। विभाग में चर्चा है कि इस मामले में और दो लोगों के गर्दन पर भी तलवार लटकी है। बेसिक शिक्षा विभाग में केवल यही एक मामला नहीं है। विद्यालयों मान्यता देने से लेकर भवन निर्माण, एमडीएम आदि में भी कई तरह के घालमेल भरे पड़े हैं। सबसे बड़ा मामला तो यह है कि जिले में बहुत से शिक्षक कागज में ही नौकरी करते हैं। वे किसी दूसरी प्रतियोगिता की तैयारी बाहर रह कर करते हैं और अपने स्थान पर किसी और को रख कर विद्यालय में काम चलाते हैं। इसके बावजूद भी ऐसे शिक्षकों को वेतन मिल जाता है। ऐसे अधिकतर मामले बैरिया तहसील क्षेत्र में भरे पड़े हैं।

Saturday, 1 June 2019

राज्य सरकार की जूनियर हाईस्कूलों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

राज्य सरकार की जूनियर हाईस्कूलों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश सरकार इस बार जूनियर हाईस्कूलों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रही है। हर जिले से 10-10 ऐसे स्कूलों की सूची मांगी गई है जिन्हें कक्षा 8 तक किया जा सकता है। राज्य सरकार इसका प्रस्ताव अपनी वार्षिक कार्ययोजना में शामिल कर रही है। .

इस वर्ष लोकसभा चुनावों के चलते केन्द्र सरकार ने प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की बैठक फरवरी-मार्च की जगह चुनाव के बाद होना तय किया था। अभी यह बैठक जून के दूसरे हफ्ते में प्रस्तावित है। इस बैठक में राज्य सरकार हर जिले से 10-10 प्राइमरी स्कूलों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखने जा रही है। अभी जूनियर हाईस्कूलों की संख्या 50 हजार का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। ऐसे स्कूलों के प्रस्ताव मांगे गये हैं, जहां आने-जाने के लिए सुलभ साधन मिलते हों। ऐसी जगह पर हों जहां आसपास खूब आबादी हो। ऐसे स्कूलों के चयन को वरीयता पर रखा जाएगा, जहां बालिकाओं की संख्या ज्यादा होगी। वहीं आसपास मानक के मुताबिक जूनियर हाइस्कूल न हों। अभी तक हर एक किमी पर प्राइमरी स्कूल और हर तीन किलोमीटर पर जूनियर हाईस्कूल का नियम है। प्रदेश में एक लाख से ऊपर सरकारी प्राइमरी स्कूल हैं, वहीं जूनियर हाईस्कूल कम हैं।