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Saturday, 28 December 2019

BEO Recruitment 2019 - know syllabus and examination pattern.

BEO Recruitment 2019 - know syllabus and examination pattern.

        

उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों के अवकाश लेने हेतु मानव सम्पदा ने जारी किया नया app, डाउनलोड करें

उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों के अवकाश लेने हेतु  मानव सम्पदा ने जारी किया नया app, डाउनलोड करें

उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों के अवकाश लेने हेतु  मानव सम्पदा ने नया app जारी कर दिया है। इस एप्प के माध्यम से ही अब सभी प्रकार के अवकाश ऑनलाइन लेने होंगे। ये app निश्चित रूप से भ्रष्टाचार एवं बाबू राज मिटा कर कर्मचारियों को राहत देगा।
App  और manual डाउनलोड करें - Click Here


आकस्मिक अवकाश लेने का तरीका




1- सहायक अध्यापक/शिक्षामित्र/अनुदेशक/अनुचर ऑनलाइन आकस्मिक अवकाश प्रधानाध्यापक/इंचार्ज प्रधानाध्यापक के पोर्टल पर भेजेंगे। 04 से अधिक आकस्मिक अवकाश लेने की स्थिति में खण्ड शिक्षा अधिकारी के पोर्टल पर आवेदन किया जाएगा।

2- प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक या एकल विद्यालय के सहायक अध्यापक के आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति खण्ड शिक्षा अधिकारी करेंगे।

आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति/अस्वीकृति सक्षम स्तर द्वारा एक दिवस के अन्दर की जाएगी।

चिकित्सा अवकाश

    शिक्षक द्वारा ऑनलाइन आवेदन के समय चिकित्सा प्रमाण पत्र अपलोड करने का विकल्प भी प्रणाली में उपलब्ध रहेगा। चिकित्सा प्रमाण पत्र आवेदन करते समय अथवा बाद में भी प्रणाली में अपलोड किया जा सकेगा आवेदन करते ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के पोर्टल पर दिखाएं देने लगेगा। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी आवश्यकतानुसार एकल विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे चिकित्सा प्रमाण पत्र अपलोड होने के दो दिवस में खण्ड शिक्षा अधिकारी आवेदन पर संस्तुति सहित अग्रसारण अथवा आपत्ति कर सकेंगे। समस्त आपत्तियां एक बार में ही लगाई जाएंगी। खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा अग्रसारित करते ही आवेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पोर्टल पर दिखाई देने लगेगा। जहां से उसका अनुमोदन/आपत्ति अधिकतम दो दिवस के भीतर किया जाएगा अन्यथा की स्थिति में आवेदन स्वत: स्वीकृत हो जाएगा। आपत्ति लगाए जाने के उपरांत आपत्ति का निराकरण किए जाने हेतु दो दिवस में सम्बन्धित शिक्षक द्वारा एक टिप्पणी प्रणाली में दर्ज की जाएगी अथवा दस्तावेज अपलोड किए जाएंगे। निर्धारित अवधि में टिप्पणी दर्ज नहीं करने अथवा दस्तावेज अपलोड नहीं करने पर शिक्षक का आवेदन पत्र जिला बेसिक अधिकारी के स्तर से निरस्त किया जा सकेगा।

यदि चिकित्सा अवकाश 42 दिनों से कम का है तो उसे स्वीकृत करने का अधिकार खंड शिक्षा अधिकारी को होगा। यदि चिकित्सा अवकाश 42 दिन से अधिक का है तो इसका निर्णय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा लिया जाएगा। आवेदक शिक्षक आवेदन करने की तिथि से अवकाश पर रह सकेंगे।

Friday, 27 December 2019

CTET 2019 December result declared , Check now

CTET 2019 December result declared , Check now





To check CTET 2019 December Result -
Click Here

CTET Result 2019: सीटीईटी दिसंबर परीक्षा का रिजल्ट घोषित, यह रहा Direct link, 5.42 लाख अभ्यर्थी पास



Out of 28,32,120 registered candidates 24,05,145 candidates appeared in the CTET exam.( Paper 1- 16,46,620 candidates & paper 2- 11,85,500 candidates)

The passing percentage is 22.5%. Out of  24,05,145 appeared candidates only  5,42,285 candidates could achieve success. In paper 1 total number of successful candidates is 2,47,386 whereas in paper 2 the total number of successful candidates is 2,94,899 । CTET exam was held in 110 cities on 2,935  examination centered .
Total 3,12,558 female candidates remain successful to declare CTET whereas the number of successful male candidates is 2,29,718 .More than 29 lakh candidates were appeared in CTET exam held on December 8, 2019 ।
Successful candidates may download their CTET certificates from digi locker .


उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयो की वर्ष 2020 की अवकाश तालिका जारी

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयो की वर्ष 2020 की अवकाश तालिका जारी

Tuesday, 24 December 2019

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की विज्ञप्ति जारी

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की विज्ञप्ति जारी



Eligibility :- 3  वर्ष सेवाकाल पुरुषों के लिए तथा 1 वर्ष सेवाकाल महिलाओं के लिए

Date of Start:- 20 December 2019

Last date:-  20 January 2020 5:00pm

Apply now :- 




Monday, 23 December 2019

CTET परीक्षा की आंसर की जारी,डाउनलोड करें

CTET परीक्षा की आंसर की जारी,डाउनलोड करें 


       केंद्रीय माध्यमिक शिक्षक बोर्ड (CBSE) आज केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) की आंसर की जारी कर दी है।  केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा  की आसंर की देखने के लिए उम्मीदवार सीटेट की वेबसाइट ctet.nic.in देख सकते हैं।  25 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आंसर की वेबसाइट पर 25 दिसंबर तक उपलब्ध रहेगी। उम्मीदवार 1000 रुपए प्रति प्रश्न का भुगतान कर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। उम्मीदवार रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ सब्मिट करके आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं। आपको बता दें कि परीक्षा में 29 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था।

           सीटीईटी की परीक्षा का आयोजन 8 दिसंबर को किया गया था। सीटीईटी परीक्षा में अंग्रेजी और गणित के सवालों ने उम्मीदवारों को खासा परेशान किया है। आपको बता दें कि सीटीईटी की परीक्षा की आंसर की के साथ बोर्ड ओएमआर शीट भी जारी की गई है।

यह परीक्षा देश के 110 शहरों में 20 भाषाओं में आयोजित हुई। CBSE हर साल दो बार सीटीईटी परीक्षा आयोजित करता है। पहली परीक्षा जुलाई और दूसरी दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है। सीटीईटी परीक्षा का मुख्य उद्देश्य सराकरी विद्यालयों में गुणवत्ता वाले तथा कुशल शिक्षकों की भर्ती करवाना होता है।

यह परीक्षा 2,144 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। सीटेट के पेपर -1 में भाग लेने वाले सफल उम्मीदवार कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। जबकि पेपर -2 में बैठने वाले सफल अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे।


Monday, 16 December 2019

Friday, 13 December 2019

लोक सेवा आयोग खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा 2019 परीक्षा की विज्ञप्ति जारी, । खंड शिक्षा अधिकारी के 309 रिक्त पदों पर होनी है भर्ती। अंतिम तिथि 10 जनवरी 2020

लोक सेवा आयोग खंड शिक्षा अधिकारी परीक्षा 2019 परीक्षा की विज्ञप्ति  जारी,  । खंड शिक्षा अधिकारी के 309 रिक्त पदों पर होनी है भर्ती। अंतिम तिथि 10 जनवरी 2020


To apply online Click Here

Saturday, 7 December 2019

CTET December 2019 special checklist


CTET दिसंबर 2019 परीक्ष हेतु चेक लिस्ट



1️⃣यदि उम्मीदवार के हस्ताक्षर या तस्वीर अनुपस्थित है या CTET-DECEMBER 2019 के लिए ऑनलाइन एडमिटकार्ड में उम्मीदवार से संबंधित उचित / दृश्य/फ़ोटो नहीं है, तो ऐसे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने हस्ताक्षर और फ़ोटो की स्कैन की हुई प्रति ई-मेल onctetdemel2019@gmail.com के माध्यम से CTET यूनिट को फोटो को एडमिट कार्ड में शामिल करने के लिए CTET यूनिट से संपर्क करें।

#जिन #उम्मीदवारों के #पास उचित / #दृश्य #फोटो और #हस्ताक्षर के #बिना #एडमिट #कार्ड है, उन्हें किसी भी #हालत में CTET #दिसंबर 2019 में #उपस्थित #होने की #अनुमति नहीं दी #जाएगी।


2️⃣कृपया विवरण अर्थात् नाम, जन्मतिथि, लिंग, श्रेणी, प्रश्न पत्र का माध्यम, भाषा की पेशकश की जाने वाली भाषा I और / या पेपर II की जांच करें और अंतिम पुष्टि पृष्ठ के साथ एडमिट कार्ड के पेपर II के लिए प्रस्तुत विषय। अंतिम पुष्टि पृष्ठ के साथ मेल न खाने वाले एडमिट कार्ड के किसी विशेष के मामले में, उम्मीदवार आवश्यक सुधार के लिए सीटीईटी से तुरंत संवाद कर सकते हैं।


परीक्षा भवन में क्या क्या सामग्री अवश्य लें जाएं?

1.डाउनलोड की गई एडमिट कार्ड
2. एक फोटो आईडी प्रूफ(original)
(पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासआउट, ड्राइविंग आईडी, वोटर आईडी कार्ड)
3. अच्छी क्वालिटी का बॉल पॉइंट का पेन (BLUE / BLACK)
परिक्षा भवन में क्या-क्या सामग्री नहीं ले जायें?
किताबें, नोट, बिट्स ऑफेपर्स, जियोमेटी / पेन्सिल बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, पेनसिल पाउच, पेन्सिल, स्केल, लॉग टेबल, WRITING पैड, ERASER, कार्डबोर्ड, इलेक्ट्रानिक उपकरण, घड़ी, कलाई घड़ी, बैग आदि।
#नोट-
१.परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करें।
२. परीक्षा में घबराएं नहीं एकदम सामान्य स्थिति जैसे रहे ।
३. ओएमआर सीट के गोले एकदम कन्फर्म होने पर ही भरे। क्योंकि प्रश्न के उत्तर आप बदल नही सकते।


बीएसए नहीं रोक सकते शिक्षकों का वेतन, हाईकोर्ट ने कहा-कानूनन बेसिक शिक्षा अधिकारी को नहीं है अधिकार


बीएसए नहीं रोक सकते शिक्षकों का वेतन, हाईकोर्ट ने कहा-कानूनन बेसिक शिक्षा अधिकारी को नहीं है अधिकार

बीएसए को अध्यापक का वेतन रोकने का अधिकार नहीं: हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी किसी भी अध्यापक का वेतन नहीं रोक सकता है। फिर भी ऐसे आदेशों के खिलाफ याचिकाएं दाखिल हो रही हैं। कोर्ट ने सचिव, बेसिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि वह देखें कि कानून के विपरीत बीएसए  अध्यापकों के वेतन भुगतान अवैध रूप से न रोकें।

  कोर्ट ने कहा है कि, अनिवार्य शिक्षा कानून की धारा 24 व नियम 19 का कड़ाई से पालन कराया जाए। इस धारा में अध्यापकों और बीएसए के कर्तव्य निर्धारित किया गया है। कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करने वाले बीएसए तथा शिक्षकों की जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया है और सचिव को दो हफ्ते में निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा प्रदेश के सभी बीएसए से हर छः माह में शिक्षकों द्वारा कर्तव्य पालन की रिपोर्ट लेकर अनुपालन कराएं। इसके साथ ही बीएसए तथा शिक्षकों के कार्य की मॉनिटरिंग करें और 18 दिसम्बर को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा मांगा है। यह आदेश जस्टिस एस पी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है।

बीएसए आजमगढ़ ने कार्य में लापरवाही करने पर याची का वेतन रोक दिया था। याची सहायक अध्यापक है। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं की गई। कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है। कहा गया कि, पेनाल्टी के खिलाफ अपील का वैकल्पिक अधिकार प्राप्त है। फिलहाल वेतन रोकने का आदेश वापस ले लिया गया तो कोर्ट ने बच्चों के शिक्षा के अधिकार को कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

Court No. - 5

Case :- WRIT - A No. - 18233 of 2019

Petitioner :- Santosh Kumar Rai
Respondent :- State Of U.P. And 4 Others
Counsel for Petitioner :- Sujeet Kumar Rai
Counsel for Respondent :- C.S.C.,Bhanu Pratap Singh

Hon'ble Surya Prakash Kesarwani,J.

1. Heard Sri Sujeet Kumar Rai, learned counsel for the petitioner and Sri D.N. Mishra, learned standing counsel for the State-respondent and Sri B.P. Singh, learned counsel for the respondent nos. 2 to 5.
2. On 28.11.2019, this Court passed the following order:-
"Heard Sri Sujeet Kumar Rai, learned counsel for the petitioner and Sri D.N. Mishra, learned counsel for the State-respondent and Sri B.P. Singh, learned counsel for the respondent nos. 2 to 5.
Personal affidavit of Sri Devendra Kumar Pandey, District Basic Education Officer, Azamgarh, dated 28.11.2019, has been filed today, which is taken on record.
On 25.11.2019, this Court passed the following order:-
"By the impugned order dated 21.9.2019, payment of salary of the petitioner has been stopped by the respondent no. 3 for the period till the respondent no. 3 receives a report from the respondent no. 5 regarding improvement in work and conduct of the petitioner. From the impugned order dated 21.9.2019, it appears that no disciplinary proceeding has been initiated against the petitioner.
This Court specifically asked Sri Bhanu Pratap Singh, learned counsel for the respondent nos. 2 to 5 to point out that which provisions of the U.P. Basic Education Act or the Rules framed thereunder empowers a District Basic Education Officer to stop or withhold salary in the present set of circumstances, particularly, when neither disciplinary proceeding has been initiated against the petitioner nor any punishment has been awarded to him.
Sri Bhanu Pratap Singh, learned counsel for the respondent nos. 2 to 5 prays for and is granted three days time to obtain instructions and to file personal affidavit of the respondent no. 3 who shall explain that under which provisions of law he is empowered to pass order in the present set of circumstances for stopping or withholding salary of a Head Master i.e. the petitioner.
Copy of the relevant provisions of the Act and the Rules, if any, which has empowered the respondent no. 3 to pass the impugned order, shall also be filed by him along with his affidavit.
Put up this matter on 28.11.2019 in the additional cause list."
Pursuant to the aforequoted order dated 25.11.2019, the aforesaid affidavit of compliance dated 28.11.2019 has been filed. In paragraph 3(v) of the affidavit the respondent no.3 have stated as under:-
"From the aforementioned facts and circumstances of the case, it is respectfully submitted that the complete proceeding of withholding of petitioner's salary through order dated 21-9-2019 was done purely on administrative grounds and only with a view that the petitioner may further improve his conduct/functioning; and as there is an alternative remedy available to the Parishadiya employees including teachers to move representation before the Director of Education (Basic) against the penalties proposed/leveled against him under Rule-5(2) of the statutory Rules, 1973 against the penalties mentioned in Rule-5(1) of the said Rules; and in the present case, it seems that the present writ petition has been filed assailing the order of withholding of his salary dated 21-9-2019 by the petitioner without availing said alternative remedy and hence, the writ petition is liable to be dismissed. The copy of the U.P Basic Education (Staff) Rules, 1973 is being annexed herewith and marked as Annexure no.4 to this Affadavit."
I have perused the provisions of Rule 5 of the Uttar Pradesh Basic Education Staff Rule, 1972 which provides for alternative remedy against the penalties as provided in Rule 3.
Perusal of the Rules 1973 shows that District Basic Education Officer has not been conferred power to withhold salary of a teacher. The provisions of appeal and representation under Rule 5 of the Rules have been provided only with respect to the penalties provided under Rule 3 of the Rules which does not include withholding of salary. Despite the apparent legal position, the respondent no.3 has tried to justify his action in his aforesaid personal affidavit dated 28.11.2019. This prima facie shows misconduct on his part.
Sri B.P. Singh, learned counsel for the respondent nos. 2 to 5 prays that the respondents may be afforded a breathing time to file another personal affidavit.
List on 03.12.2019."

3. Today, a second personal affidavit of Sri Devendra Kumar Pandey, District Basic Education Officer, Azamgarh, dated 28.11.2019, has been filed, which is taken on record.
4. In paragraph 3 of the affidavit the respondent no.3 has stated as under:-
"From the aforementioned facts and circumstances of the case, it is respectfully submitted that the complete proceeding of withholding of petitioner's salary through order dated 21.9.2019 was done purely on administrative grounds and only with a view that the petitioner may further improve his conduct/functioning; and as there is an alternative remedy available to the Parishadiya employees including teachers to move representation before the Director of Education (Basic) against the penalties proposed/leveled against him under Rule 5(2) of the statutory Rules, 1973 against the penalties mentioned in Rule -5(1) of the said Rules; and in the present case, it seems that the present writ petition has been filed assailing the order of withholding of his salary dated 21.9.2019 by the petitioner without availing said alternative remedy and hence, the writ petition is liable to be dismissed. The copy of the U.P. Basic Education (Staff) Rules, 1973 is being annexed herewith and marked as Annexure no.4 to this Affidavit."

5. As stated in the aforesaid personal affidavit the respondent no.3 passed an order for release of the salary and withdrawn the order dated 21.09.2019. Therefore, the grievance of the petitioner does not survive.
6. Since instead proceedings in accordance with law and ensuring observance of statutory mandate of Section 24 of the Act,2009 and Rule 19 of the U.P. Rules, 2011, the instances of illegally withholding salary of teachers are frequently coming before this Court, therefore, to ensure discharge of statutory duties by teachers and District Basic Education officers in the interest of students , this Court is issuing directions to the respondent nos. 1 and 2, namely Secretary Basic Education, Government of U.P., Lucknow and the Basic Education Board Uttar Pradesh, as under:-
(i) District Basic Education officers shall not indulge in illegal act of withholding salary of teachers except in accordance with law.
(ii) Provisions of Section 24 of The Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 and Rule 19 of The Uttar Pradesh Right of Children to Free and Compulsory Education Rules, 2011 shall be rigorously enforced which reads as under :-
(a) Section 24 of the Act 2009
"Duties of teachers and redressal of grievances.--(1) A teacher appointed under sub-section (1) of Section 23 shall perform the following duties, namely:--
(a) maintain regularity and punctuality in attending school;
(b) conduct and complete the curriculum in accordance with the provisions of sub-section (2) of Section 29;
(c) complete entire curriculum within the specified time;
(d) assess the learning ability of each child and accordingly supplement additional instructions, if any, as required;
(e) hold regular meetings with parents and guardians and apprise them about the regularity in attendance, ability to learn, progress made in learning and any other relevant information about the child; and
(f) perform such other duties as may be prescribed.
(2) A teacher committing default in performance of duties specified in sub-section (1), shall be liable to disciplinary action under the service rules applicable to him or her:
Provided that before taking such disciplinary action, reasonable opportunity of being heard shall be afforded to such teacher.
(3) The grievances, if any, of the teacher shall be redressed in such manner as may be prescribed."

(b)Rule 19: Duties to be performed by teachers [Section 24(1)(f)]
A teacher shall-
(a) be acceptable to respective local authority and School Management Committee in regard to maintain regularity and punctuality in attending school, regular teaching, regular correction of the written work of the students and completion of entire curriculum within the specified time;
(b) monitor the regular attendance, learning ability a progress of every child in school thereof, share students performance with parents on a regular basis;
(c) co-operate in managing the affairs of School Management Committee, when required;
(d) help the local authority for admission of all children in school, as required, within the jurisdiction of local authority;
(e) shall maintain a file containing the pupil cumulative record for every child to check child's understanding of knowledge and his or her ability to apply the same and for continuous evaluation, and on the basis of which shall award the completion certificate.
(2) In addition to the duties mentioned in sub-rule (1) and the functions specified in Clauses (a) to (e) of (1) of Section 24, a teacher shall perform the following duties assigned to him or her-
(a) participation in training programmes;
(b) participation in curriculum formulation, and development of syllabi, training modules and textbook development;
(c) cooperate in internal and external school assessment initiatives.
(3) The appointing authority of teachers shall incorporate duties mentioned in Section 24(1) of the Act and responsibility as laid down in Rules 19(1) and (2) above, in the service rules of the teachers as conditions of service. The service rules shall also provide for consideration of outcomes of internal and external school assessments as conducted under Rules 22(3-a) and (3-b) in deciding rewards and punishments as well as career growth of teachers.

(iii) Instructions shall be issued within two weeks by the respondent nos. 1 and 2 with regard to the above which shall also include consequences and fixation of accountability of District Basic Education Officer and teachers in the event of breach of the aforesaid provisions of Section 24 of the Act 2009 and Rule 19 of the U.P. Rules 2011.
(iv) The respondent No.2 shall obtain six monthly reports of all teachers/Assistant teachers through all the District Basic Education Officers in Uttar Pradesh with regard to discharge of duties by teachers/Assistant teachers under Section 24 of the Act and Rule 19 of the U.P. Rules 2011 and follow up action taken by them and shall monitor discharge of duties by teachers/Assistant teachers and District Basic Education Officers.
7. An affidavit of compliance shall be filed by the respondent no.1 and the Secretary of the of respondent no.2 on or before the next date fixed, showing compliance of the aforesaid directions.
8. Put up in the Additional Cause list on 18.12.2019 for further hearing.
Order Date :- 3.12.2019/vkg

Monday, 2 December 2019

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों का अंतर्जनपदीय स्थानांतरण का आदेश जारी, 5 दिसम्बर से अंतर्जनपदीय तबादला आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया होगी शुरु। 15 मार्च 2020 तक मिलेगा तबादला

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों का अंतर्जनपदीय स्थानांतरण का आदेश जारी, 5 दिसम्बर से अंतर्जनपदीय तबादला आवेदन प्रक्रिया होगी शुरु। 15 मार्च 2020 तक मिलेगा तबादला

Monday, 25 November 2019

मानव संपदा एप फेल, शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेने के लिए परेशान

उत्तर प्रदेश के परिषदीय शिक्षक मानव संपदा द्वारा जारी ऐप के काम न करने के कारण अवकाश नही ले पा रहे हैं।विभाग द्वारा 1 नवंबर से ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करने के लिए निर्देश दिया गया था। पर ऐप लॉगिन किये जाने पर मानव संपदा वेबसाइट पर जा कर अपडेट करने का नोटिफिकेशन आता है। और वेबसाइट पर ऐसा कोई अपडेट उपलब्ध नहीं है। इस व्यवस्था से पुराने शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश लेने में खासी परेशानी का सामना करना पद रहा है। 

Monday, 11 November 2019

गांव से शहर और शहर से गांव में अब हो सकेंगे अध्यापकों के तबादले, नियमावली में संशोधन करने की तैयारी

गांव से शहर और शहर से गांव में अब हो सकेंगे अध्यापकों के तबादले, नियमावली में संशोधन करने की तैयारी

बेसिक शिक्षा में मिटेगा नगरीय-ग्रामीण कैडर का फासला!
ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र में भी शिक्षकों के तबादले की राह तलाशने में जुटा शिक्षा विभाग
सूत्रों के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग से मुख्यमंत्री कार्यालय को जो तबादले का प्रस्ताव भेजा गया था उसमें कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था और कुछ सुझाव भी आए थे। इसमें एक अहम मसला आकांक्षी जिलों में भी शिक्षकों के लिए तबादले खोलने का था। इस पर सीएम कार्यालय के स्पष्टीकरण मांगने पर विभाग ने कहा था कि इन जिलों में जितने शिक्षक जाएंगे उतने ही आएंगे की पॉलिसी अपनाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार सीएम कार्यालय ने ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में भी तबादले का विकल्प तलाशने को कहा था।
तबादले के विकल्पों पर फंसा पेंच
लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में भी शिक्षकों के तबादले की राह तलाश रहा है। इसके लिए नगरीय और ग्रामीण कैडर का 'फासला' कैसे मिटाया जाए इस पर मंथन चल रहा है। दोनों को समाप्त कर एक कैडर करने के लिए बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में संशोधन की तैयारी है।
शिक्षकों की एक-दूसरे जिले से ट्रांसफर की पॉलिसी इस बदलाव के इंतजार में फंस गई है। बेसिक शिक्षक एक जिले से दूसरे जिले के तबादले की राह खुलने का इंतजार कर रहे हैं। विभाग ने 31 अक्टूबर तक पॉलिसी जारी करने की बात भी कही थी। लेकिन, अब तक कुछ पेंच उलझ नहीं पाए हैं।
नियमावली में बदलाव पर मंथन
सूत्रों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग से संशोधित प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र में तबादले में काफी दिक्कतें हैं। दोनों के ही कैडर अलग होते हैं। इसलिए एक-दूसरे कैडर में तबादला नहीं होता है। साथ ही ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र में तबादले खोलने पर यहां आने के लिए अधिक मार मचेगी। इस पर उच्च स्तर से फिर कहा गया कि इसमें कुछ राइडर लगाकर नगरीय क्षेत्र के लिए तबादला खोलने पर विचार किया जा सकता है। मसलन शिक्षक का रेकॉर्ड बेहतर हो, पुरस्कार प्राप्तकर्ता हो या अन्य वेटेज तय किए जा सकते हैं, जिससे बेहतर काम करने के पुरस्कार के तौर पर नगर क्षेत्र में भेजा जा सके।
नगरीय क्षेत्र में शिक्षकों के पद भी कई जिलों में काफी खाली हैं। अब विभाग इनके विकल्प तलाशने पर जुटा है। सूत्रों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली की धारा 22 में बदलाव पर विचार कर रहा है, जिससे तबादले पर वरिष्ठता की समस्या हल की जा सके। शिक्षक का पद जिला कैडर का होता है। इस पर भी मंथन चल रहा है कि शहरी या ग्रामीण कैडर खत्म कर जिले को जोन में बांट दिया जाए और उसके आधार पर तबादले किए जाएं। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि नगरीय क्षेत्र में शिक्षकों के पद बड़े पैमाने पर खाली हैं। इसलिए अंतर-कैडर तबादले की राह खोलनी जानी चाहिए।

Saturday, 26 October 2019

VCRC(Vector Control Research Center) invites applications for various posts

VCRC(Vector Control Research Center) invites applications for various posts







Total posts-28

Post Name-Data Entry Operator

Education-MBBS/ Post Graduate 

Age Limit- 35 years

Website- Click Here

Application process- Apply online  and keep the printout.

Date of Interview- 4,5and 6 Nov 2019

Wednesday, 11 September 2019

Sunday, 18 August 2019

CDRI invites applications for various posts

CDRI invites applications for various posts







Total posts- 18

Post Name- Scientist, Senior Scientist,

Education- Different for different posts

Age Limit- 32/37/45 years

Website- Click Here

Application process- Apply online  and keep the printout.

Last Date- September 30, 2019

Friday, 16 August 2019

CTET 2019 : CBSE ने घोषित की सीटीईटी दिसंबर परीक्षा की तिथि, देखें शेड्यूल

CTET 2019 : CBSE ने घोषित की सीटीईटी दिसंबर परीक्षा की तिथि, देखें शेड्यूल




  


CTET December 2019 : सीबीएसई ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी 2019) की तिथि घोषित कर दी है। सीबीएसई ने ऐलान किया है कि सीटीईटी के 13वें संस्करण का आयोजन 8 दिसंबर, 2019 को किया जाएगा। सीटीईटी दिसंबर 2019 की परीक्षा पूरे देश में 110 शहरों में 20 भाषाओं में आयोजित होगी। सीटीईटी दिसंबर परीक्षा 2019 ( CTET December 2019 Notification ) 19 अगस्त को जारी होगा। नोटिफिकेशन में परीक्षा की भाषा, योग्यता, सिलेबस, शुल्क, शहर समेत तमाम जानकारियां होंगी। सीटीईटी नोटिफिकेशन www.cbse.nic.in पर जारी होगा। 


CTET December 2019 के लिए आवेदन की प्रक्रिया 19 अगस्त से शुरू होगी। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 सितंबर, 2019 तय की गई है। 23 सितंबर, 2019 दोपहर 03.30 बजे तक फीस का भुगतान किया जा सकेगा। 

ज्ञात हो कि सीबीएसई द्वारा वर्ष में दो बार (Kजुलाई एवं दिसंबर) सीटीईटी परीक्षा आयोजित की जाती है। 7 जुलाई को आयोजित हुई सीटीईटी परीक्षा का रिजल्ट 30 जुलाई को आया था। सीटेट जुलाई में 29 लाख 22 हजार अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसमें 23 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। सीबीएसई की मानें तो पहली बार सीटीईटी का परिणाम मात्र 23 दिनों में जारी किया गया है। इनमें से 3.52 लाख अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे। परीक्षा 114 शहरों में हुई थी।

कक्षा 1 से 5 वीं कक्षा के लिए पेपर नंबर 1 और 6 से 8वीं कक्षा तक के लिए पेपर 2 का आयोजन होता है।

Sunday, 11 August 2019

उत्तर प्रदेश यूपीएसईएसएसबी 4319 शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जल्द करेगा जारी


उत्तर प्रदेश यूपीएसईएसएसबी 4319 शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जल्द करेगा जारी




UPSESSB Recruitment 2019: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) शिक्षक हजारों पदों पर भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन ऑफिशियल वेबसाइट www.upsessb.org पर जल्द जारी करेगा. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.






UPSESSB Recruitment 2019: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB), शिक्षक 4319 पदों पर भर्तिया करने जा रहा है. यह भर्ती पिछले 40 वर्षों में सबसे ज्यादा पदों पर की जाने वाली भर्ती होगी. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) की तरफ से इस भर्ती के लिए ऑफिशियल वेबसाइट www.upsessb.orgपर नोटिस जल्द जारी किया जाएगा. जो अभ्यर्थी इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक और आर्ह हैं वो उनको सलाह है कि विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट समय-समय पर चेक करते रहें ताकि कोई महत्वपूर्ण सूचना न छूटने पाए.


रिपोर्ट्स की मानें की राज्य भर के विभिन्न कॉलेजों में प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य के कुल 25 हजार से ज्यादा पद खाली हैं. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) की तरफ से इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बाद किया जाएगा. नियुक्तियों से संबंधित अधिक जानकारी अभ्यर्थी विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं.

यूपीएसईएसएसबी शिक्षक पदों पर कैसे करें आवेदन : UPSESSB Jobs 2019 How to Apply

यूपीएसईएसएसबी शिक्षक पदों पर आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी सबसे पहले विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं.


यूपीएसईएसएसबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाने के बाद अप्लाई लिंक पर क्लिक करें.


यूपीएसईएसएसबी शिक्षक पदों का फॉर्म भरें.


यूपीएसईएसएसबी शिक्षक पदों पर भरने के बाद एक प्रति डाउनलोड कर अपने पास रख लें, क्योंकि भविष्य में इसकी जरूरत पड़ेगी.


सूत्रों की मानें तो विभाग की तरफ से प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य के पदों पर नियुक्तियों के लिए नोटिफिकेशन अगस्त के आखिरी सप्ताह में जारी कर सकता है. अगस्त के आखिरी सप्ताह में नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.

लखनऊ जनपद में 'प्रेरणा' और 'मानव सम्पदा' प्रणाली का pilot आरंभ

*लखनऊ जनपद में 'प्रेरणा' और 'मानव सम्पदा' प्रणाली का pilot आज आरंभ किया गया। यह महत्वकांशी योजना हमारे विभाग के लिए सारे indicators को सुधारने वाली योजना है जैसे learning outcomes, teacher attendance, school infrastructure आदि। जो सभी BSA और जनपद के टीम के नेतृत्व में लागू करना है। अति शीघ्र आप सबको मुख्यालय पर बुलाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसके बाद जनपद लेवल और ब्लॉक लेवल पर आपको प्रशिक्षण आयोजित करने हैं। तत्काल MDM IVRS database और मानव सम्पदा database अध्यविधिक करें। इस प्रणाली में शिक्षको का अधिष्ठान, Assessment मॉड्यूल, supportive supervision मॉड्यूल, शिक्षक उपस्थिति, MDM Module, आपरेशन कायाकल्प मॉड्यूल, दिक्षा एप मॉड्यूल, इंस्पेक्शन मॉड्यूल आदि क्रियान्वित किया जा रहा है।
*इस प्रेरणा एप से विद्यालय में शिक्षकों, छात्रों की समय से उपस्थिति की मॉनिटरिंग की जाएगी एवं अन्य विद्यालयी व्यवस्थाओं की ऑनलाइन निरीक्षण रिपोर्ट भेजी जाएगी।*
   
*All the best।*

Wednesday, 31 July 2019

CTET 2019 के  अंकपत्र भी CBSE  ने जारी किए, डिजी लॉकर से करें डाउनलोड

CTET 2019 के  अंकपत्र भी CBSE  ने जारी किए, डिजी लॉकर से करें डाउनलोड


  


CBSE ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) का परिणाम जारी कर दिया हैं। देशभर से इस परीक्षा में 29 लाख 22 हजार अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसमें 23 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। सीटीईटी का परिणाम जारी होने के साथ ही सीबीएसई ने अंक पत्र भी जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अपना अंकपत्र डिजी लॉकर से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थी को अंक पत्र का इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए अंक पत्र को डिजी लॉकर में डाल दिया गया है। 


इनमें तीन लाख 52 हजार अभ्यर्थी को सफलता मिली है। वहीं बिहार की बात करें तो इस बार सीटीईटी में दो लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। उसमें मात्र नौ हजार 433 अभ्यर्थी क्वालीफायी कर पाये हैं। इसमें फर्स्ट पेपर में छह हजार और सेकेंड पेपर में तीन हजार के लगभग अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। ज्ञात हो कि फर्स्ट पेपर में कक्षा एक से पांचवी और सेकेंड पेपर में छठीं से आठवीं तक का कक्षा शामिल है। 

सीबीएसई  ने पहली बार सीटीईटी का परिणाम मात्र 23 दिनों में जारी किया गया है। CTET सात जुलाई को देशभर में ली गयी थी। सीबीएसई द्वारा हर साल दो बार सीटीईटी लिया जाता है। इसमें एक जुलाई और दूसरा नवंबर में होता है। बिहार में हर साल सीटीईटी देने वालों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। पिछले तीन साल की बात करें तो सीटीईटी में कई गुणा अभ्यर्थी बढ़े हैं। 2017 में जहां 20 हजार अभ्यर्थियों ने सीटीईटी का आवेदन भरा था वहीं जुलाई 2019 में दो लाख अभ्यर्थी शामिल हुए

Tuesday, 30 July 2019

Appearing केस का सुप्रीम कोर्ट का आदेश हुआ जारी, देखे मुख्य मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट आर्डर-16 जुलाई 2019 (TET Pursuing मैटर)

C/P

         जैसा कि आप सभी जानते हैं कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने टीम बीएड 2011-12 की SLP *ओमकार सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश* और हमारी दूसरी SLP *भानु प्रकाश मिश्रा बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश* पर सुनवाई  करते हुए हमारी SLP को allow कर दिया है, यानी सीधे शब्दों में हमारे पक्ष में फैसला दिया। ये आर्डर सही माने में नज़ीर बन गया है जहाँ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के ऑर्डर, 8 मई 2018, जो कि अंतिम वर्ष के पक्ष में था  और डबल बेंच के आर्डर, 30 मई 2018 को ग़लत करार देते हुए दोनों को बदल दिया है।

✳ऑर्डर के कुछ प्रमुख बिंदु

★पेज 14: *Pursuing* शब्द का अर्थ है एक व्यक्ति जो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स में एडमिशन ले चुका है अर्थात प्रशिक्षणरत है।
परीक्षा परिणाम की घोषणा, परीक्षा में भाग लेना या फॉर्म भरने की अंतिम तिथि आदि TET परीक्षा में भाग लेने के मापदंड नही हो सकते। इसलिये एक उम्मीदवार जो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स कर रहा है वो TET परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होगा।

★पेज 15: हाई कोर्ट डबल बेंच के अनुसार TET का परिणाम घोषित होने से पहले टीचर ट्रेनिंग का परिणाम आ जाना चाहिए, ये राइडर उचित नही है। NCTE का क्लॉज़ 5 (ii) सरल, साफ और स्पष्ट है और उसमें किसी भी प्रकार का संदेह नही है। Cardinal Rule of Interpretation के अनुसार विशेष प्रावधान (Pursuing) की व्याख्या करते समय उसको वैसा ही पढ़ना है, उसके अर्थ में कुछ भी जोड़ा या घटाया नही जा सकता।

★पेज 16: इस केस में TET की कट ऑफ डेट तक अभ्यर्थी ट्रेनिंग  कोर्स में प्रशिक्षण कर रहे थे, सभी ने TET exam पास किया और टीचर ट्रेनिंग कोर्स को भी पूरा किया। नियुक्ति के समय सभी लोगो के पास सहायक शिक्षक बनने के सारी योग्यताएं पूरी थी (TET, BEd, BTC आदि).  इसलिए, कोर्ट के विचार से हाई कोर्ट के व्यू को कायम नही रखा जा सकता। सभी अभ्यर्थी स्पष्ट रूप से TET परीक्षा में बैठने और सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति के योग्य थे। उच्च न्यायालय को pursuing शब्द में किसी भी राइडर को जोड़ने की अनुमति नहीं है।

★ पेज 18: इसलिए ये स्पष्ट है कि संबंधित appellants जिनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई थी वे TET परीक्षा में बैठने के लिए पात्र थे।
इस प्रकार हम (Supreme court) उच्च न्यायालय के आदेश को तदनुसार उक्त सीमा तक संशोधित करते है।

*प्रोफेशनल मैटर*

पेज 18, अंतिम लाइने:

बिना विज्ञान और गणित विषय (Maths and Science as one of the subject) के स्नातक पास करके भर्ती हुए लोगों का पता लगाने का काम संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 03 माह में पूरा करने का आदेश माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिया है।

★ये पूरे आर्डर का सार (summary) मात्र है, पूरा ऑर्डर आप लोग खुद रीड कर सकते है। किसी प्रकार की त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।

अंत मे मैं पूरी बीएड 2011-12 टीम को जीत की बधाई देता हूँ और हमारी टीम पर अंत तक विश्वास बनाये रखने के लिए धन्यवाद देता हूँ।

आपका साथी

*ओमकार सिंह,अदील फरीदी,भानू मिश्रा*
*टीम बीएड 2011-12*

Wednesday, 24 July 2019

CTET Answer Key 2019 जारी,

CTET Answer Key 2019 जारी,




CBSE CTET Answer Key 2019: सीबीएसई ने CTET परीक्षा की आंसर की जारी कर दी है इसे आप ऑफिशल वेबसाइट www.ctet.nic.in  पर क्लिक करके देख सकते हैं। आंसर की पर आपत्ति 26 जुलाई तक दर्ज कराई जा सकती है।


Tuesday, 16 July 2019

Big Breaking:- Appearing मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली ने हाइकोर्ट का आदेश रद्द किया

*सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली*

#टेट अपीयरिंग/परसुइंग मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द । किसी भी सेमेस्टर में टेट पास अभ्यर्थी के सर्टिफिकेट को मान्य किया । जस्टिस दीपक मिश्र ने कहा कि अपोइंटमेंट के समय यदि आपकी एलिजिबिलिटी पूरी है तो आप अपॉइंटमेंट के लिए सही है।
*सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली 16-07-2019*

#टेट अपीयरिंग/परसुइंग मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द । किसी भी सेमेस्टर में टेट पास अभ्यर्थी के सर्टिफिकेट को मान्य किया ।

● कार्यरत शिक्षकों की बड़ी जीत।

● सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस निर्णय को खारिज किया जिसमे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिर्फ प्रशिक्षण (BTC) के बाद वाले TET को ही वैध घोषित किया था।

● सभी कार्यरत शिक्षकों की नौकरी से संकट पूर्णतया हट चुका है।
टेट अपीयरिंग केस में BTC  & B.Ed वालों की जीत .
प्रोफेशनल कोर्स वालों को भी Valid माना.

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने विरोधियों को डांट लगाते हुए कहा-

"अभ्यर्थी टेट पास हैं ,  पहले पास हो गए हैं तो इससे सिद्ध होता है अभ्यर्थियों में योग्यता अधिक है जिससे शिक्षा का स्तर बढ़ेगा."
माननीय जज साहब ने कहा प्रोफेशनल कोर्स करने वाले अभ्यर्थी अधिक योग्य होते हैं क्योंकि उनमें क्रिएटिविटी पैदा होती है.

साथ ही माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा ऐसे अभ्यर्थियों की लिस्ट लेकर आओ जो बिना टेट पास करके लग गए हैं उनको हम बाहर कर देंगे तो सरकार के वकील ने कहा माई लॉर्ड हम टेट उत्तीर्ण तथा बीटीसी B.Ed डिग्री धारी अभ्यर्थियों की ही भर्ती कर रहे हैं.

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने टेट अपीयरिंग केस में सभी को Valid बताया चाहे उन्होंने किसी भी सेमेस्टर में यूपीटेट या सीटेट पास किया हो.

माननीय जज साहब ने बीटीसी अपीयरिंग में पास हुए टेट  अभ्यर्थियों तथा BTC डिग्री लेने के बाद पास हुए टेट अभ्यर्थियों की तुलना वर्ल्ड कप 2019 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच से की और कहा दोनों विजयी हैं लेकिन टेट अपीयरिंग वाले अभ्यर्थियों को मैं ज्यादा योग्य मानता हूं कि उन्होंने पूरी बीटीसी की डिग्री लिए बगैर ही सेमेस्टर में टेट पास कर लिया.

माननीय जज साहब ने कहा कि सरकार को टेट के पेपर की गुणवत्ता बढ़ाए जाने की जरूरत है जिससे कि कोई भी अभ्यर्थी डिग्री से पहले टेट परीक्षा उत्तीर्ण ना कर पाए. साथ ही कहा हम टेट पास अभ्यर्थियों को अवैध नहीं कर सकते क्योंकि वह पास करके आए हैं.

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के वकील को फटकार लगाते हुए कहा आप आईसीसी की तरह निश्चित रूल्स बनाइए भर्ती प्रक्रिया में.
जज साहब ने कहा यदि ICC ने बाउंड्री काउंट वाला रूल पहले से ना बनाया होता तो इंग्लैंड तथा न्यूजीलैंड दोनों को संयुक्त विजेता घोषित करना पड़ता.
यदि आप अपीयरिंग में सबको मौका दे रहे हैं तो जिसने एडमिशन ले लिया है चाहे उसको एक दिन हुआ है उसका भी टेट उत्तीर्ण माना जाएगा.

जज साहब ने यह लाइनें बोलने के बाद मेज पर  हथोड़ा मारकर केस डिस्पोज्ड बोलकर NEXT का उच्चारण किया.
माननीय जज साहब के नेक्स्ट वर्ड से यहां तात्पर्य आज की डेट में लगे किसी अन्य केस की सुनवाई का है जिसका शिक्षा विभाग से कोई लेना देना नहीं है

इनकम टैक्स रिटर्न: आईटीआर फॉर्म 1 मे कैसे भरें होम लोन, सैलरी और दूसरे इनकम डीटेल्स

इनकम टैक्स रिटर्न: आईटीआर फॉर्म 1 में कैसे भरें होम लोन, सैलरी और दूसरे इनकम डीटेल्स

इस साल के इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म्स पिछले साल से काफी बदले हुए हैं। आईटीआर 1 फॉर्म में भी कई बदलाव हुए हैं। हालांकि, आईटीआर भरना और आसान हो गया है। हमने आपके लिए गाइड तैयार की है जिसके जरिए आप अपना आईटीआर फॉर्म 1 खुद ही आसानी से भर लेंगे।

हाइलाइट्स:
इस बार के इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म्स पिछले साल से कई मायनों में अलग हैं
इस बार आमदनी के स्रोतों की एक-एक जानकारी अलग-अलग देनी होगी
साथ ही टाइप ऑफ हाउस वाले कॉलम में भी एक और ऑप्शन जोड़ा गया है
एक्सेल और जावा यूटिलिटीज के जरिए भी ITR 1 भरा जा सकता है
टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट से ITR भरना सबसे आसान है

सरकार ने इस साल के इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म में बड़े बदलाव किए हैं। जिस आम भारतीय नागरिक को वित्त वर्ष 2018-19 में 50 लाख रुपये तक आमदनी हुई, वह आईटीआर फॉर्म 1 भर सकता है। इस फॉर्म में वेतन से हुई आय, एक मकान से कमाई, बचत खातों और एफडी से प्राप्त ब्याज की रकम एवं खेती से हुई 5 हजार रुपये तक की आमदनी की जानकारियां देनी होंगी। इस वर्ष से उन लोगों को आईटीआर 1 भरने से रोक दिया गया है जो किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं या जिन्होंने अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश कर रखा है।
हालांकि, आईटीआर फॉर्म 1 में एक्सेल और जावा यूटिलिटीज के जरिए भी रिटर्न भरा जा सकता है, लेकिन लोगों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि यहां आईटीआर भरना सबसे आसान है। साथ ही, यहां वेबसाइट के सॉफ्टवेयर से तैयार बेसिक इन्फर्मेशन और टैक्स डीटेल्स फॉर्म में पहले से ही भरे होते हैं। इस आर्टिकल को पढ़कर आप अपना आईटीआर फॉर्म 1 खुद ही आसानी से भर लेंगे। तो आइए जानते हैं आईटीआर 1 भरने का सबसे तेज और सरल तरीका...

स्टेप 1: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट
www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर लॉग इन करें। याद रखें आपका पैन ही आपकी लॉगइन आईडी होता है। तो पैन और पासवर्ड से वेबसाइट पर लॉगइन कर लें। अगर पासवर्ड याद नहीं हो तो फॉरगॉट पासवर्ड के इस्तेमाल से नया पासवर्ड बना लें।
स्टेप 2: लॉगइन हो जाने पर मेनू में जाकर ई-फाइल>इनकम टैक्स फॉर्म्स पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अब जो पेज खुला है, वहां असेसमेंट ईयर में 2019-20, आईटीआर फॉर्म नंबर में आईटीआर 1, फाइलिंग टाइप में ऑरिजिनल/रिवाइज्ड रिटर्न, सबमिशन मोड में प्रिपेयर ऐंड सबमिट ऑनलाइन का चयन करें। हां, अगर आप हिंदी में फॉर्म भरना चाहते हैं तो कॉन्टिन्यू करने से पहले कॉन्टिन्यू और कैंसल बटन से ठीक ऊपर हिंदी फॉर्म के विकल्प वाले कोष्ठक पर क्लिक कर लें।

स्टेप 4: ऊपर के सिलेक्शन के बाद कॉन्टिन्यू करने पर जो नया पेज खुलेगा, उसमें सात टैब्स दिखेंगे।
A. निर्देश: पहले टैब में सामान्य जानकारियां दी गई हैं।

B. पार्ट A (सामान्य सूचनाएं): दूसरे टैब में आपकी व्यक्तिगत जानकारियां (नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल ऐड्रेस आदि) होंगी। आप कोई बदलाव चाहते हैं तो कर सकते हैं।

C. आय की गणना और टैक्स: तीसरे टैब में सैलरी इनकम के डीटेल्स, हाउस प्रॉपर्टी से हुई आमदनी के कुछ डीटेल्स, ब्याज से हुई आय (अगर टीडीएस कटा है तो) और आपने टैक्स छूट के जो क्लेम किए, इन सबकी जानकारियां ऑटो-फिल्ड होंगी। साथ ही, इन सब आय के आधार पर कितना टैक्स देना है, इसकी भी जानकारी मिल जाएगी। आपको सिर्फ इन डीटेल्स की अच्छे से पड़ताल करनी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि सारी जानकरियां सही हैं। इस टैब में इनकम डीटेल्स कैसे भरे जाएंगे, इसे विस्तार से समझ लें।
1. आईटीआर 1 में सैलरी इनकम की रिपोर्टिंग
मान लीजिए कि वित्त वर्ष 2018-19 में आपका समग्र वेतन (ग्रॉस सैलरी) 6 लाख रुपये था और 50 हजार रुपये
एचआरए मिला था। खास बात यह है कि इस बार कुल वेतन, टैक्स छूट के दायरे में आने वाले भत्ते, परिलब्धियां (परक्विसाइट्स) और वेतन के बदले लाभ (प्रॉफिट इन ल्यू ऑफ सैलरी) की अलग-अलग जानकारियां भरी होंगी। पिछले वर्ष तक सबको अलक-अलग बताने की जरूरत नहीं होती थी।

बहरहाल, ग्रॉस सैलरी में एचआरए घटाने के बाद जो 5.50 लाख रुपये बचे, उसमें सेक्शन 16 के तहत मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) के रूप में 40 हजार रुपये घट जाएंगे। 'वेतन' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय (इनकम चार्जिएबल अंडर दे हेड 'सैलरीज' (III - IV) में आपकी इनकम 5 लाख 10 हजा रुपये बचेगी। यूं तो ये जानकारियां पहले से भरी हुई मिलेंगी, लेकिन इसे क्रॉस चेक करना जरूरी है।
2. आईटीआर 1 में हाउस प्रॉपर्टी से इनकम
मकान का प्रकार, मकान से हुई आमदनी जैसी कुछ जानकारियां पिछले साल के आईटीआर और फॉर्म 26AS के मार्फत आईटीआर फॉर्म में ऑटो अपलोड रहेंगी। किराए से आय की जानकारी कैसे दी जाएगी, इसे उदाहरण के साथ ऐसे समझें।
ITR: फॉर्म 26AS की मदद से ऐसे भरें इनकम टैक्स रिटर्न
मान लीजिए आपको वित्त वर्ष 2018-19 में किराए से 12 लाख रुपये मिले और आपने 10 हजार रुपये हाउस टैक्स चुकाया। इसके अलावा, आपने 1.5 लाख रुपया होम लोन का ब्याज दिया। माना कि आपको पिछले वित्त वर्ष 2017-18 का बकाया एक लाख रुपया भी वित्त वर्ष 2018-19 में मिल गया। अब इन सबकी रिपोर्टिंग के लिए आपको मकान का प्रकार (टाइप ऑफ हाउस प्रॉपर्टी) बताना होगा। पहले सिर्फ 'अपने अधीन' (सेल्फ ऑक्युपाइड) या 'किराए पर दिया हुआ' (लेट आउट) के दो विकल्प ही थे। इस वर्ष एक और ऑप्शन 'किराए पर माना गया' (डीम्ड लेट आउट) जोड़ा गया है।
पिछले साल तक अगर किसी को पिछले वित्त वर्ष के किराए की बकाया रकम मिलने पर आईटीआर फॉर्म 1 फाइल करने का अधिकार नहीं था। इस वर्ष टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉर्म में बदलाव कर इसकी अनुमति दे दी।

ध्यान रहे कि बीते किसी वित्त वर्ष का बकाया जिस वित्त वर्ष में मिला हो, उस वित्त वर्ष में उसे मकान से हुई आय (इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी) माना जाएगा और इस पर टैक्स लगेगा। हालांकि बकाए की 30% राशि पर टैक्स छूट पाने की अधिकार है, लेकिन आईटीआर 1 में इसे अलग से क्लेम करने की जगह नहीं दी गई है। इसलिए, आपको प्राप्त बकाया रकम का 70% हिस्सा ही फॉर्म में भरना चाहिए।
3. आईटीआर 1 में अन्य स्रोतों से हुई आय की जानकारी
फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज से हुई आमदनी से टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस) कटा हो तो आईटीआर फॉर्म में इसकी जानकारी दी गई होगी। साथ ही, पिछले वर्ष मिले इनकम टैक्स रिफंड पर ब्याज के रूप में आमदनी हुई, उसकी भी जानकारी यहां मिलेगी। हालांकि, आपको बैंक और पोस्ट ऑफिस के बचत खातों (सेविंग्स अकाउंट) में जमा रकम पर मिले ब्याज की जानकारी खुद भरनी होगी और इस पर जरूरत के मुताबिक इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 80TTA या 80TTB के तहत डिडक्शन क्लेम करना होगा।

जानें, कैसे फाइल करें इनकम टैक्स रिटर्न
ऐसे दें अलग-अलग विवरण
मान लीजिए, आपको वित्त वर्ष 2018-19 में बचत खाते पर 12 हजार रुपये और एफडी पर 60 हजार रुपये का ब्याज मिला। इसके अलावा, आपने इंश्योरेंस कमिशन के रूप में 5 रुपये और कमाए तो इस वर्ष आपको 'अन्य स्रोतों से आय' (इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज) के तहत इन सबकी अलग-अलग जानकारी देनी होगी। पिछले वर्ष तक आपको एक जगह अन्य स्रोतों से हुई कुल आय बतानी पड़ती थी।

बचत खातों से मिले 10 हजार रुपये तक के ब्याज पर सेक्शन 80TTA के तहत टैक्स डिडक्शन क्लेम करना नहीं भूलें। ध्यान रहे कि यह फॉर्म में ऑटो फिल्ड नहीं मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेक्शन 80TTB के तहत बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट्स पर 50 हजार रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री है।
इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1 में ऐसे भरें सारे टैक्स डीटेल्स
D. टैक्स डीटेल्स: इस टैब में आपके द्वारा दिए गए टीडीएस, टीसीएस, अडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स की जानकारियां दी गई होंगी। ध्यान रहे कि ये जानकारियां फॉर्म 26AS से ली गई हैं। हालांकि, आपको अपनी कंपनी, बैंक, किराएदार आदि से मिले अलग-अलग टीडीएस सर्टिफिकेट्स से इनका मिलान कर लेना चाहिए।

E. टैक्स पेड और वेरिफिकेशन
'टैक्स डीटेल्स' टैब में आप पर बने टैक्स की जनाकरी दी गई थी और सेक्शन 80G एवं 80GGA वाले दो टैब्स में टैक्स छूट की जानकारी दी जाएगी। इनके बीच टैक्स पेड और वेरिफिकेशन टैब में आप पर बकाया टैक्स या ज्यादा टैक्स पेड है तो रिफंड की रकम की जानकारी मिलेगी। अगर आप पर कोई टैक्स बकाया है तो आपको रिटर्न फाइल करने से पहले सेल्फ असेसमेंट टैक्स भरना होगा। सेल्फ असेसमेंट टैक्स के चालान से जुड़े डीटेल्स टैब डी (टैक्स डीटेल्स) में जरूर भरें।

इस टैब में अपने सभी बैंक खातों के डीटेल्स देना जरूरी है। हालांकि, टैक्स विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि अगर आपका कोई डॉर्मेंट अकाउंट है जो 3 साल से निष्क्रिय (कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ) है तो उसका डीटेल देने की जरूरत नहीं है। यह ध्यान रखें कि रिफंड के लिए आप जिस बैंक खाते का डीटेल दे रहे हैं, वह आपके पर्मानेंट अकाउंट नंबर(PAN) से लिंक्ड है। साथ ही आप रिफंड हासिल करने के लिए अपने बैंक खाते को आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेट करवा लें।
F. डोनेशन-80G
सेक्शन 80G के तहत डिडक्शंस क्लेम करने के लिए जरूरी है कि आप डोनी (दान ग्रहण करने वाला) का डीटेल दें। किसी फंड, चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन या किसी अन्य संस्थान को दिए गए डोनेशन की राशि का ब्योरा देना जरूरी होता है। इस वर्ष टैक्सपेयर को कैश या अन्य किसी रूप में दिए गए दान का जिक्र करना होगा। ध्यान रखें कि 2 हजार रुपये से ज्यादा का कैश डोनशन को ग्रॉस इनकम से डिडक्शन नहीं माना जाएगा।

G. डोनेशन-80GCA
इस टैब में टैक्सपेयर को क्लेम्ड डिडक्शन का डीटेल देना होता है। यह सेक्शन वैज्ञानिक अनुसंधान और ग्रामीण विकास आदि के लिए दिए गए दान पर डिडक्शन देता है। इस डिडक्शन का लाभ बिजनस इनकम अर्जित करने वालों को छोड़कर सभी टैक्सपेयर्स को मिलता है।

स्टेप 5: फॉर्म को वेरिफाइ करें, फिर सिलेक्ट प्रीव्यू & सबमिट करें
फॉर्म में सभी डीटेल्स भरने के बाद 'वेरिफिकेशन' ऑप्शन सिलेक्ट करें। यह स्टेप बैंक अकाउंट के डीटेल्स देने के बाद 'Tax Paid and Verification' टैब में पूरा किया जाता है। फाइलिंग की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए वेरिफिकेशन अनिवार्य स्टेप है। आईटीआर को वेरिफाइ करने के 6 तरीके हैं।

स्टेप 6: फॉर्म जमा करें
फॉर्म वेरिफिकेशन के बाद टैक्सपेयर प्रीव्यू की कॉपी का पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। अगर फॉर्म में कोई गलती है या कुछ हटाना है तो 'एडिट' बटन पर क्लिक कर जरूरी सुधार किया जा सकता है। अगर फॉर्म में कोई गलती नहीं तो फॉर्म सबमिट कर दें। इसके लिए आप 'Submit' बटन पर क्लिक करें। फॉर्म सबमिट होने के बाद आपके पास एसएमएस और ईमेल के जरिए कन्फर्मेशन मेसेज पहुंच जाएगा