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Wednesday, 31 July 2019

CTET 2019 के  अंकपत्र भी CBSE  ने जारी किए, डिजी लॉकर से करें डाउनलोड

CTET 2019 के  अंकपत्र भी CBSE  ने जारी किए, डिजी लॉकर से करें डाउनलोड


  


CBSE ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) का परिणाम जारी कर दिया हैं। देशभर से इस परीक्षा में 29 लाख 22 हजार अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसमें 23 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। सीटीईटी का परिणाम जारी होने के साथ ही सीबीएसई ने अंक पत्र भी जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अपना अंकपत्र डिजी लॉकर से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थी को अंक पत्र का इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए अंक पत्र को डिजी लॉकर में डाल दिया गया है। 


इनमें तीन लाख 52 हजार अभ्यर्थी को सफलता मिली है। वहीं बिहार की बात करें तो इस बार सीटीईटी में दो लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। उसमें मात्र नौ हजार 433 अभ्यर्थी क्वालीफायी कर पाये हैं। इसमें फर्स्ट पेपर में छह हजार और सेकेंड पेपर में तीन हजार के लगभग अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। ज्ञात हो कि फर्स्ट पेपर में कक्षा एक से पांचवी और सेकेंड पेपर में छठीं से आठवीं तक का कक्षा शामिल है। 

सीबीएसई  ने पहली बार सीटीईटी का परिणाम मात्र 23 दिनों में जारी किया गया है। CTET सात जुलाई को देशभर में ली गयी थी। सीबीएसई द्वारा हर साल दो बार सीटीईटी लिया जाता है। इसमें एक जुलाई और दूसरा नवंबर में होता है। बिहार में हर साल सीटीईटी देने वालों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। पिछले तीन साल की बात करें तो सीटीईटी में कई गुणा अभ्यर्थी बढ़े हैं। 2017 में जहां 20 हजार अभ्यर्थियों ने सीटीईटी का आवेदन भरा था वहीं जुलाई 2019 में दो लाख अभ्यर्थी शामिल हुए

Tuesday, 30 July 2019

Appearing केस का सुप्रीम कोर्ट का आदेश हुआ जारी, देखे मुख्य मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट आर्डर-16 जुलाई 2019 (TET Pursuing मैटर)

C/P

         जैसा कि आप सभी जानते हैं कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने टीम बीएड 2011-12 की SLP *ओमकार सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश* और हमारी दूसरी SLP *भानु प्रकाश मिश्रा बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश* पर सुनवाई  करते हुए हमारी SLP को allow कर दिया है, यानी सीधे शब्दों में हमारे पक्ष में फैसला दिया। ये आर्डर सही माने में नज़ीर बन गया है जहाँ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के ऑर्डर, 8 मई 2018, जो कि अंतिम वर्ष के पक्ष में था  और डबल बेंच के आर्डर, 30 मई 2018 को ग़लत करार देते हुए दोनों को बदल दिया है।

✳ऑर्डर के कुछ प्रमुख बिंदु

★पेज 14: *Pursuing* शब्द का अर्थ है एक व्यक्ति जो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स में एडमिशन ले चुका है अर्थात प्रशिक्षणरत है।
परीक्षा परिणाम की घोषणा, परीक्षा में भाग लेना या फॉर्म भरने की अंतिम तिथि आदि TET परीक्षा में भाग लेने के मापदंड नही हो सकते। इसलिये एक उम्मीदवार जो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स कर रहा है वो TET परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होगा।

★पेज 15: हाई कोर्ट डबल बेंच के अनुसार TET का परिणाम घोषित होने से पहले टीचर ट्रेनिंग का परिणाम आ जाना चाहिए, ये राइडर उचित नही है। NCTE का क्लॉज़ 5 (ii) सरल, साफ और स्पष्ट है और उसमें किसी भी प्रकार का संदेह नही है। Cardinal Rule of Interpretation के अनुसार विशेष प्रावधान (Pursuing) की व्याख्या करते समय उसको वैसा ही पढ़ना है, उसके अर्थ में कुछ भी जोड़ा या घटाया नही जा सकता।

★पेज 16: इस केस में TET की कट ऑफ डेट तक अभ्यर्थी ट्रेनिंग  कोर्स में प्रशिक्षण कर रहे थे, सभी ने TET exam पास किया और टीचर ट्रेनिंग कोर्स को भी पूरा किया। नियुक्ति के समय सभी लोगो के पास सहायक शिक्षक बनने के सारी योग्यताएं पूरी थी (TET, BEd, BTC आदि).  इसलिए, कोर्ट के विचार से हाई कोर्ट के व्यू को कायम नही रखा जा सकता। सभी अभ्यर्थी स्पष्ट रूप से TET परीक्षा में बैठने और सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति के योग्य थे। उच्च न्यायालय को pursuing शब्द में किसी भी राइडर को जोड़ने की अनुमति नहीं है।

★ पेज 18: इसलिए ये स्पष्ट है कि संबंधित appellants जिनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई थी वे TET परीक्षा में बैठने के लिए पात्र थे।
इस प्रकार हम (Supreme court) उच्च न्यायालय के आदेश को तदनुसार उक्त सीमा तक संशोधित करते है।

*प्रोफेशनल मैटर*

पेज 18, अंतिम लाइने:

बिना विज्ञान और गणित विषय (Maths and Science as one of the subject) के स्नातक पास करके भर्ती हुए लोगों का पता लगाने का काम संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 03 माह में पूरा करने का आदेश माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिया है।

★ये पूरे आर्डर का सार (summary) मात्र है, पूरा ऑर्डर आप लोग खुद रीड कर सकते है। किसी प्रकार की त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।

अंत मे मैं पूरी बीएड 2011-12 टीम को जीत की बधाई देता हूँ और हमारी टीम पर अंत तक विश्वास बनाये रखने के लिए धन्यवाद देता हूँ।

आपका साथी

*ओमकार सिंह,अदील फरीदी,भानू मिश्रा*
*टीम बीएड 2011-12*

Wednesday, 24 July 2019

CTET Answer Key 2019 जारी,

CTET Answer Key 2019 जारी,




CBSE CTET Answer Key 2019: सीबीएसई ने CTET परीक्षा की आंसर की जारी कर दी है इसे आप ऑफिशल वेबसाइट www.ctet.nic.in  पर क्लिक करके देख सकते हैं। आंसर की पर आपत्ति 26 जुलाई तक दर्ज कराई जा सकती है।


Tuesday, 16 July 2019

Big Breaking:- Appearing मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली ने हाइकोर्ट का आदेश रद्द किया

*सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली*

#टेट अपीयरिंग/परसुइंग मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द । किसी भी सेमेस्टर में टेट पास अभ्यर्थी के सर्टिफिकेट को मान्य किया । जस्टिस दीपक मिश्र ने कहा कि अपोइंटमेंट के समय यदि आपकी एलिजिबिलिटी पूरी है तो आप अपॉइंटमेंट के लिए सही है।
*सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली 16-07-2019*

#टेट अपीयरिंग/परसुइंग मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द । किसी भी सेमेस्टर में टेट पास अभ्यर्थी के सर्टिफिकेट को मान्य किया ।

● कार्यरत शिक्षकों की बड़ी जीत।

● सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस निर्णय को खारिज किया जिसमे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिर्फ प्रशिक्षण (BTC) के बाद वाले TET को ही वैध घोषित किया था।

● सभी कार्यरत शिक्षकों की नौकरी से संकट पूर्णतया हट चुका है।
टेट अपीयरिंग केस में BTC  & B.Ed वालों की जीत .
प्रोफेशनल कोर्स वालों को भी Valid माना.

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने विरोधियों को डांट लगाते हुए कहा-

"अभ्यर्थी टेट पास हैं ,  पहले पास हो गए हैं तो इससे सिद्ध होता है अभ्यर्थियों में योग्यता अधिक है जिससे शिक्षा का स्तर बढ़ेगा."
माननीय जज साहब ने कहा प्रोफेशनल कोर्स करने वाले अभ्यर्थी अधिक योग्य होते हैं क्योंकि उनमें क्रिएटिविटी पैदा होती है.

साथ ही माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा ऐसे अभ्यर्थियों की लिस्ट लेकर आओ जो बिना टेट पास करके लग गए हैं उनको हम बाहर कर देंगे तो सरकार के वकील ने कहा माई लॉर्ड हम टेट उत्तीर्ण तथा बीटीसी B.Ed डिग्री धारी अभ्यर्थियों की ही भर्ती कर रहे हैं.

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने टेट अपीयरिंग केस में सभी को Valid बताया चाहे उन्होंने किसी भी सेमेस्टर में यूपीटेट या सीटेट पास किया हो.

माननीय जज साहब ने बीटीसी अपीयरिंग में पास हुए टेट  अभ्यर्थियों तथा BTC डिग्री लेने के बाद पास हुए टेट अभ्यर्थियों की तुलना वर्ल्ड कप 2019 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच से की और कहा दोनों विजयी हैं लेकिन टेट अपीयरिंग वाले अभ्यर्थियों को मैं ज्यादा योग्य मानता हूं कि उन्होंने पूरी बीटीसी की डिग्री लिए बगैर ही सेमेस्टर में टेट पास कर लिया.

माननीय जज साहब ने कहा कि सरकार को टेट के पेपर की गुणवत्ता बढ़ाए जाने की जरूरत है जिससे कि कोई भी अभ्यर्थी डिग्री से पहले टेट परीक्षा उत्तीर्ण ना कर पाए. साथ ही कहा हम टेट पास अभ्यर्थियों को अवैध नहीं कर सकते क्योंकि वह पास करके आए हैं.

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के वकील को फटकार लगाते हुए कहा आप आईसीसी की तरह निश्चित रूल्स बनाइए भर्ती प्रक्रिया में.
जज साहब ने कहा यदि ICC ने बाउंड्री काउंट वाला रूल पहले से ना बनाया होता तो इंग्लैंड तथा न्यूजीलैंड दोनों को संयुक्त विजेता घोषित करना पड़ता.
यदि आप अपीयरिंग में सबको मौका दे रहे हैं तो जिसने एडमिशन ले लिया है चाहे उसको एक दिन हुआ है उसका भी टेट उत्तीर्ण माना जाएगा.

जज साहब ने यह लाइनें बोलने के बाद मेज पर  हथोड़ा मारकर केस डिस्पोज्ड बोलकर NEXT का उच्चारण किया.
माननीय जज साहब के नेक्स्ट वर्ड से यहां तात्पर्य आज की डेट में लगे किसी अन्य केस की सुनवाई का है जिसका शिक्षा विभाग से कोई लेना देना नहीं है

इनकम टैक्स रिटर्न: आईटीआर फॉर्म 1 मे कैसे भरें होम लोन, सैलरी और दूसरे इनकम डीटेल्स

इनकम टैक्स रिटर्न: आईटीआर फॉर्म 1 में कैसे भरें होम लोन, सैलरी और दूसरे इनकम डीटेल्स

इस साल के इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म्स पिछले साल से काफी बदले हुए हैं। आईटीआर 1 फॉर्म में भी कई बदलाव हुए हैं। हालांकि, आईटीआर भरना और आसान हो गया है। हमने आपके लिए गाइड तैयार की है जिसके जरिए आप अपना आईटीआर फॉर्म 1 खुद ही आसानी से भर लेंगे।

हाइलाइट्स:
इस बार के इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म्स पिछले साल से कई मायनों में अलग हैं
इस बार आमदनी के स्रोतों की एक-एक जानकारी अलग-अलग देनी होगी
साथ ही टाइप ऑफ हाउस वाले कॉलम में भी एक और ऑप्शन जोड़ा गया है
एक्सेल और जावा यूटिलिटीज के जरिए भी ITR 1 भरा जा सकता है
टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट से ITR भरना सबसे आसान है

सरकार ने इस साल के इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म में बड़े बदलाव किए हैं। जिस आम भारतीय नागरिक को वित्त वर्ष 2018-19 में 50 लाख रुपये तक आमदनी हुई, वह आईटीआर फॉर्म 1 भर सकता है। इस फॉर्म में वेतन से हुई आय, एक मकान से कमाई, बचत खातों और एफडी से प्राप्त ब्याज की रकम एवं खेती से हुई 5 हजार रुपये तक की आमदनी की जानकारियां देनी होंगी। इस वर्ष से उन लोगों को आईटीआर 1 भरने से रोक दिया गया है जो किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं या जिन्होंने अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश कर रखा है।
हालांकि, आईटीआर फॉर्म 1 में एक्सेल और जावा यूटिलिटीज के जरिए भी रिटर्न भरा जा सकता है, लेकिन लोगों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि यहां आईटीआर भरना सबसे आसान है। साथ ही, यहां वेबसाइट के सॉफ्टवेयर से तैयार बेसिक इन्फर्मेशन और टैक्स डीटेल्स फॉर्म में पहले से ही भरे होते हैं। इस आर्टिकल को पढ़कर आप अपना आईटीआर फॉर्म 1 खुद ही आसानी से भर लेंगे। तो आइए जानते हैं आईटीआर 1 भरने का सबसे तेज और सरल तरीका...

स्टेप 1: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट
www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर लॉग इन करें। याद रखें आपका पैन ही आपकी लॉगइन आईडी होता है। तो पैन और पासवर्ड से वेबसाइट पर लॉगइन कर लें। अगर पासवर्ड याद नहीं हो तो फॉरगॉट पासवर्ड के इस्तेमाल से नया पासवर्ड बना लें।
स्टेप 2: लॉगइन हो जाने पर मेनू में जाकर ई-फाइल>इनकम टैक्स फॉर्म्स पर क्लिक करें।

स्टेप 3: अब जो पेज खुला है, वहां असेसमेंट ईयर में 2019-20, आईटीआर फॉर्म नंबर में आईटीआर 1, फाइलिंग टाइप में ऑरिजिनल/रिवाइज्ड रिटर्न, सबमिशन मोड में प्रिपेयर ऐंड सबमिट ऑनलाइन का चयन करें। हां, अगर आप हिंदी में फॉर्म भरना चाहते हैं तो कॉन्टिन्यू करने से पहले कॉन्टिन्यू और कैंसल बटन से ठीक ऊपर हिंदी फॉर्म के विकल्प वाले कोष्ठक पर क्लिक कर लें।

स्टेप 4: ऊपर के सिलेक्शन के बाद कॉन्टिन्यू करने पर जो नया पेज खुलेगा, उसमें सात टैब्स दिखेंगे।
A. निर्देश: पहले टैब में सामान्य जानकारियां दी गई हैं।

B. पार्ट A (सामान्य सूचनाएं): दूसरे टैब में आपकी व्यक्तिगत जानकारियां (नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल ऐड्रेस आदि) होंगी। आप कोई बदलाव चाहते हैं तो कर सकते हैं।

C. आय की गणना और टैक्स: तीसरे टैब में सैलरी इनकम के डीटेल्स, हाउस प्रॉपर्टी से हुई आमदनी के कुछ डीटेल्स, ब्याज से हुई आय (अगर टीडीएस कटा है तो) और आपने टैक्स छूट के जो क्लेम किए, इन सबकी जानकारियां ऑटो-फिल्ड होंगी। साथ ही, इन सब आय के आधार पर कितना टैक्स देना है, इसकी भी जानकारी मिल जाएगी। आपको सिर्फ इन डीटेल्स की अच्छे से पड़ताल करनी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि सारी जानकरियां सही हैं। इस टैब में इनकम डीटेल्स कैसे भरे जाएंगे, इसे विस्तार से समझ लें।
1. आईटीआर 1 में सैलरी इनकम की रिपोर्टिंग
मान लीजिए कि वित्त वर्ष 2018-19 में आपका समग्र वेतन (ग्रॉस सैलरी) 6 लाख रुपये था और 50 हजार रुपये
एचआरए मिला था। खास बात यह है कि इस बार कुल वेतन, टैक्स छूट के दायरे में आने वाले भत्ते, परिलब्धियां (परक्विसाइट्स) और वेतन के बदले लाभ (प्रॉफिट इन ल्यू ऑफ सैलरी) की अलग-अलग जानकारियां भरी होंगी। पिछले वर्ष तक सबको अलक-अलग बताने की जरूरत नहीं होती थी।

बहरहाल, ग्रॉस सैलरी में एचआरए घटाने के बाद जो 5.50 लाख रुपये बचे, उसमें सेक्शन 16 के तहत मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) के रूप में 40 हजार रुपये घट जाएंगे। 'वेतन' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय (इनकम चार्जिएबल अंडर दे हेड 'सैलरीज' (III - IV) में आपकी इनकम 5 लाख 10 हजा रुपये बचेगी। यूं तो ये जानकारियां पहले से भरी हुई मिलेंगी, लेकिन इसे क्रॉस चेक करना जरूरी है।
2. आईटीआर 1 में हाउस प्रॉपर्टी से इनकम
मकान का प्रकार, मकान से हुई आमदनी जैसी कुछ जानकारियां पिछले साल के आईटीआर और फॉर्म 26AS के मार्फत आईटीआर फॉर्म में ऑटो अपलोड रहेंगी। किराए से आय की जानकारी कैसे दी जाएगी, इसे उदाहरण के साथ ऐसे समझें।
ITR: फॉर्म 26AS की मदद से ऐसे भरें इनकम टैक्स रिटर्न
मान लीजिए आपको वित्त वर्ष 2018-19 में किराए से 12 लाख रुपये मिले और आपने 10 हजार रुपये हाउस टैक्स चुकाया। इसके अलावा, आपने 1.5 लाख रुपया होम लोन का ब्याज दिया। माना कि आपको पिछले वित्त वर्ष 2017-18 का बकाया एक लाख रुपया भी वित्त वर्ष 2018-19 में मिल गया। अब इन सबकी रिपोर्टिंग के लिए आपको मकान का प्रकार (टाइप ऑफ हाउस प्रॉपर्टी) बताना होगा। पहले सिर्फ 'अपने अधीन' (सेल्फ ऑक्युपाइड) या 'किराए पर दिया हुआ' (लेट आउट) के दो विकल्प ही थे। इस वर्ष एक और ऑप्शन 'किराए पर माना गया' (डीम्ड लेट आउट) जोड़ा गया है।
पिछले साल तक अगर किसी को पिछले वित्त वर्ष के किराए की बकाया रकम मिलने पर आईटीआर फॉर्म 1 फाइल करने का अधिकार नहीं था। इस वर्ष टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉर्म में बदलाव कर इसकी अनुमति दे दी।

ध्यान रहे कि बीते किसी वित्त वर्ष का बकाया जिस वित्त वर्ष में मिला हो, उस वित्त वर्ष में उसे मकान से हुई आय (इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी) माना जाएगा और इस पर टैक्स लगेगा। हालांकि बकाए की 30% राशि पर टैक्स छूट पाने की अधिकार है, लेकिन आईटीआर 1 में इसे अलग से क्लेम करने की जगह नहीं दी गई है। इसलिए, आपको प्राप्त बकाया रकम का 70% हिस्सा ही फॉर्म में भरना चाहिए।
3. आईटीआर 1 में अन्य स्रोतों से हुई आय की जानकारी
फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज से हुई आमदनी से टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (टीडीएस) कटा हो तो आईटीआर फॉर्म में इसकी जानकारी दी गई होगी। साथ ही, पिछले वर्ष मिले इनकम टैक्स रिफंड पर ब्याज के रूप में आमदनी हुई, उसकी भी जानकारी यहां मिलेगी। हालांकि, आपको बैंक और पोस्ट ऑफिस के बचत खातों (सेविंग्स अकाउंट) में जमा रकम पर मिले ब्याज की जानकारी खुद भरनी होगी और इस पर जरूरत के मुताबिक इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 80TTA या 80TTB के तहत डिडक्शन क्लेम करना होगा।

जानें, कैसे फाइल करें इनकम टैक्स रिटर्न
ऐसे दें अलग-अलग विवरण
मान लीजिए, आपको वित्त वर्ष 2018-19 में बचत खाते पर 12 हजार रुपये और एफडी पर 60 हजार रुपये का ब्याज मिला। इसके अलावा, आपने इंश्योरेंस कमिशन के रूप में 5 रुपये और कमाए तो इस वर्ष आपको 'अन्य स्रोतों से आय' (इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज) के तहत इन सबकी अलग-अलग जानकारी देनी होगी। पिछले वर्ष तक आपको एक जगह अन्य स्रोतों से हुई कुल आय बतानी पड़ती थी।

बचत खातों से मिले 10 हजार रुपये तक के ब्याज पर सेक्शन 80TTA के तहत टैक्स डिडक्शन क्लेम करना नहीं भूलें। ध्यान रहे कि यह फॉर्म में ऑटो फिल्ड नहीं मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेक्शन 80TTB के तहत बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट्स पर 50 हजार रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री है।
इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1 में ऐसे भरें सारे टैक्स डीटेल्स
D. टैक्स डीटेल्स: इस टैब में आपके द्वारा दिए गए टीडीएस, टीसीएस, अडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स की जानकारियां दी गई होंगी। ध्यान रहे कि ये जानकारियां फॉर्म 26AS से ली गई हैं। हालांकि, आपको अपनी कंपनी, बैंक, किराएदार आदि से मिले अलग-अलग टीडीएस सर्टिफिकेट्स से इनका मिलान कर लेना चाहिए।

E. टैक्स पेड और वेरिफिकेशन
'टैक्स डीटेल्स' टैब में आप पर बने टैक्स की जनाकरी दी गई थी और सेक्शन 80G एवं 80GGA वाले दो टैब्स में टैक्स छूट की जानकारी दी जाएगी। इनके बीच टैक्स पेड और वेरिफिकेशन टैब में आप पर बकाया टैक्स या ज्यादा टैक्स पेड है तो रिफंड की रकम की जानकारी मिलेगी। अगर आप पर कोई टैक्स बकाया है तो आपको रिटर्न फाइल करने से पहले सेल्फ असेसमेंट टैक्स भरना होगा। सेल्फ असेसमेंट टैक्स के चालान से जुड़े डीटेल्स टैब डी (टैक्स डीटेल्स) में जरूर भरें।

इस टैब में अपने सभी बैंक खातों के डीटेल्स देना जरूरी है। हालांकि, टैक्स विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि अगर आपका कोई डॉर्मेंट अकाउंट है जो 3 साल से निष्क्रिय (कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ) है तो उसका डीटेल देने की जरूरत नहीं है। यह ध्यान रखें कि रिफंड के लिए आप जिस बैंक खाते का डीटेल दे रहे हैं, वह आपके पर्मानेंट अकाउंट नंबर(PAN) से लिंक्ड है। साथ ही आप रिफंड हासिल करने के लिए अपने बैंक खाते को आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेट करवा लें।
F. डोनेशन-80G
सेक्शन 80G के तहत डिडक्शंस क्लेम करने के लिए जरूरी है कि आप डोनी (दान ग्रहण करने वाला) का डीटेल दें। किसी फंड, चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन या किसी अन्य संस्थान को दिए गए डोनेशन की राशि का ब्योरा देना जरूरी होता है। इस वर्ष टैक्सपेयर को कैश या अन्य किसी रूप में दिए गए दान का जिक्र करना होगा। ध्यान रखें कि 2 हजार रुपये से ज्यादा का कैश डोनशन को ग्रॉस इनकम से डिडक्शन नहीं माना जाएगा।

G. डोनेशन-80GCA
इस टैब में टैक्सपेयर को क्लेम्ड डिडक्शन का डीटेल देना होता है। यह सेक्शन वैज्ञानिक अनुसंधान और ग्रामीण विकास आदि के लिए दिए गए दान पर डिडक्शन देता है। इस डिडक्शन का लाभ बिजनस इनकम अर्जित करने वालों को छोड़कर सभी टैक्सपेयर्स को मिलता है।

स्टेप 5: फॉर्म को वेरिफाइ करें, फिर सिलेक्ट प्रीव्यू & सबमिट करें
फॉर्म में सभी डीटेल्स भरने के बाद 'वेरिफिकेशन' ऑप्शन सिलेक्ट करें। यह स्टेप बैंक अकाउंट के डीटेल्स देने के बाद 'Tax Paid and Verification' टैब में पूरा किया जाता है। फाइलिंग की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए वेरिफिकेशन अनिवार्य स्टेप है। आईटीआर को वेरिफाइ करने के 6 तरीके हैं।

स्टेप 6: फॉर्म जमा करें
फॉर्म वेरिफिकेशन के बाद टैक्सपेयर प्रीव्यू की कॉपी का पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। अगर फॉर्म में कोई गलती है या कुछ हटाना है तो 'एडिट' बटन पर क्लिक कर जरूरी सुधार किया जा सकता है। अगर फॉर्म में कोई गलती नहीं तो फॉर्म सबमिट कर दें। इसके लिए आप 'Submit' बटन पर क्लिक करें। फॉर्म सबमिट होने के बाद आपके पास एसएमएस और ईमेल के जरिए कन्फर्मेशन मेसेज पहुंच जाएगा

Monday, 15 July 2019

1,03,266 POSTS RECRUITMENT THROUGH SSC 2019 & 2020 | CGL SSC 2019 & 2020





For pattern of SSC (Staff Selection Commission ) COMBINED GRADUATE LEVEL EXAMINATION :   CLICK HERE

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Sunday, 14 July 2019

Appearing मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 16 को, विभिन्न पक्षों में बढ़ी बैचैनी

Appearing मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 16 को कोर्ट नंबर 4 में जजों की ट्रिपल बेंच में होनी है। इसको लेकर विभिन्न पक्षों में बैचैनी बढ़ गयी है। जानिए सोशल मीडिया से विभिन्न पक्षकारों की राय

Ⓜमोर्चा परिवारⓂ
       🔔...🔔
*माननीय सुप्रीम कोर्ट*
::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::
✅ *अपियरिंग पर्सुइंग मैटर*✅
*साथियो नमस्कार.....*
====================
*कोर्ट नं 04 आइटम न0-06*
====================
*अति महत्वपूर्ण*

सुनवाई अरुण मिश्रा जी की ही बेंच में होगी , उनके साथ में दो और जज रहेंगे!
1-  अरुण मिश्रा
2- अब्दुल नाजीर
3- एम आर शाह

*🥊-=16जुलाई  2019*
*मोर्चा टीम परिवार की तरफ़ से*
🎯1-- *वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रूपिन्दर सिंह सूरी जी* (बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, *सर्विस मैटर के बहुत अच्छे अधिवक्ता एवं सबसे महत्वपूर्ण टीईटी बनाम ऐकेडमिक मैटर पर हमारी जीत के सूत्रधार)*

- *श्री राजकुमार सिंह जी* (यूपी सर्विस मैटर के जानकार)

- *वरिष्ठ AOR रामेश्वर प्रसाद गोयल*

 
नोट 🏹 ए. ओ. आर. *आर. के. सिंह* से वार्ता के क्रम में यह ज्ञात हुआ है कि  कोर्ट पूरे दिन की है अतः सुनवाई होना निश्चित है, *और केस की सुनवाई कंटिन्यू नेक्स्ट डे होने की प्रबल संभावना है*।

16 जुलाई  की सुनवाई के लिए मोर्चा परिवार की लीगल टीम पूरी तरह से तैयार है *किन्तु कंटिन्यू केस सुनवाई होने की दशा में,सीनियर एडवोकेट की फीस के लिए आप सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक होगा, जिसकी सूचना आप सभी को यही ग्रुप पे 16 की हियरिंग के बाद दे दी जाएगी! अतः सभी साथियों से निवेदन है कि ग्रुप में एक्टिव रहे!*

आपका साथी
       Ⓜमोर्चा परिवार💯
धन्यवाद!

Monday, 8 July 2019

CTET 2019 exam: सीटीईटी परीक्षा की आंसर की जल्द होगी जारी

CTET 2019 exam: सीटीईटी परीक्षा की आंसर की जल्द होगी जारी




   


CTET 2019: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा ( सीटीईटी ) 7 जुलाई को देश भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई। अब जल्द ही इस परीक्षा की आंसर की जारी की जाएगी। जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी वो सीटीईटी की ऑफिशियल वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर आंसर की चेक कर सकेंगे। हालांकि आंसर की जारी होने की अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही परीक्षा की आंसर की जारी की जाएगी।


आपको बता दें कि CTET 2019 की परीक्षा का आयोजन कुल 97 शहरों में किया गया। उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, बरेली, फैजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, नोएडा, रायबरेली, सहारनपुर, वाराणसी में परीक्षा का आयोजन किया गया। पहली पाली की परीक्षा एक से पांचवीं तक और दूसरी छठी से आठवीं तक के लिए आयोजित की गई। दोनों पेपर में 150-150 अंक के सवाल पूछे गए।

CBSE के मुताबिक CTET paper 1 के लिए 8,17,892 उम्मीदवारों ने और 4,27,897 उम्मीदवारों ने पेपर 2 के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। 8,38,381 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने दोनों पेपरों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। दोनों पेपरों में 150-150 मल्टीपल च्वॉइस प्रश्न पूछे गए।

Friday, 5 July 2019

MDM की कन्वर्जन कॉस्ट में बढ़ोत्तरी

MDM की कन्वर्जन कॉस्ट में बढ़ोत्तरी*
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MDM की कन्वर्जन कॉस्ट 3.09% बढ़कर प्राथमिक विद्यालय में 4.48 रुपए पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 6.71रुपए प्रति छात्र की दर से 1 अप्रैल 2019 से दरें लागू की गई।