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Sunday, 8 July 2018

अब साल में दो बार मिलेगा नीट और जेईई मेंस में बैठने का मौका

अब साल में दो बार मिलेगा नीट और जेईई मेंस में बैठने का मौका

सीबीएसई की बजाय नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षाओं को करेगी आयोजित

नई दिल्ली1छात्रों को अब नीट (नेशनल एलिजबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट) और ज्वाइंट इंट्रेंस एग्जामिनेशन-मेंस (जेईई मेंस) में शामिल होने के लिए साल में दो बार मौका मिलेगा। सरकार ने इन परीक्षाओं को कराने का जिम्मा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को दे दिया है, जो अब आगे से इन सभी परीक्षाओं का आयोजन करेगी। इसके तहत नीट हर साल फरवरी और मई में जबकि जेईई मेंस जनवरी और अप्रैल में होगा। एनटीए इनके अलावा यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन- नेशनल एलिजबिलिटी टेस्ट (यूजीसी नेट), कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीमैट) और ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूट टेस्ट (जीपैट) की परीक्षाओं का आयोजन भी करेगी। यूजीसी नेट की अगली परीक्षा दिसंबर में होगी। तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।1केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि ये सभी परीक्षाएं कंप्यूटर बेस्ड (ऑनलाइन नहीं) होंगी। ये लोकल नेटवर्किग से जुड़ी होंगी। इससे परीक्षाओं की यह व्यवस्था दुनिया के दूसरे देशों की तरह फुलप्रूफ होगी। इससे लीकेज जैसी संभावनाएं पूरी तरह से खत्म हो जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि इन परीक्षाओं की जिम्मेदारी एनटीए के पास आने के बाद परीक्षा के सिलेबस और फीस में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रश्नपत्रों का स्वरूप भी पहले की तरह ही रहेगा। एक सवाल के जबाव में जावड़ेकर ने बताया कि नीट और जेईई मेंस की साल में दो बार होने वाली परीक्षाओं में छात्र दोनों में या किसी एक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। उनके चयन का आधार दोनों परीक्षाओं में से जिसमें अच्छा स्कोर होगा, उसके आधार पर ही होगा। मालूम हो कि सरकार ने नीट को लेकर उठे सवाल के बाद पिछले साल ही ऐसी सभी शैक्षणिक परीक्षाओं के लिए एनटीए गठन की घोषणा की थी। माना जा रहा है कि एजेंसी ने अपना काम शुरू कर दिया है।’ यूजीसी नेट, सीमैट और जीपैट परीक्षाएं भी होंगी इसके हवाले 1’ कंप्यूटर बेस्ड होंगी ये सभी परीक्षाएं पर ऑनलाइन नहींछात्रों को साल भर नहीं करना होगा इंतजारनीट और जेईई मेंस साल में दो बार कराने से छात्रों को जो सबसे बड़ा फायदा मिलेगा, वह यह कि यदि किन्हीं कारणों से उनकी कोई परीक्षा गड़बड़ हो जाए या छूट जाए, तो उन्हें इसे सुधारने का एक और मौका मिलेगा। अभी ऐसी स्थिति में छात्रों को पूरे साल का इंतजार करना होता था। अभिभावक लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। मौजूदा समय में हर साल लगभग 13 लाख छात्र नीट और 12 लाख छात्र जेईई मेंस में हिस्सा लेते हैं।नई दिल्ली में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ’ प्रेट्रकंप्यूटर का मिलेगा नि:शुल्क प्रशिक्षण1कंप्यूटर बेस्ड होने वाली इन परीक्षाओं को लेकर छात्रों को कोई दिक्कत न आए, इसलिए छात्रों को परीक्षाओं से पहले कंप्यूटर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण परीक्षाओं के लिए देशभर में चिह्नित होने वाले कंप्यूटर केंद्रों पर दिया जाएगा। छात्रों से इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। एनटीए जल्द ही देशभर के ऐसे सभी कंप्यूटर केंद्रों की सूची जारी करेगी।

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