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Friday, 18 August 2017

राजकीय विद्यालयों में नियुक्त होंगे बेसिक शिक्षक कैबिनेट ने प्रतिनियुक्ति के प्रस्ताव को दी मंजूरी, अस्थायी व्यवस्था के तहत होगा चयन

राजकीय विद्यालयों में नियुक्त होंगे बेसिक शिक्षक

कैबिनेट ने प्रतिनियुक्ति के प्रस्ताव को दी मंजूरी, अस्थायी व्यवस्था के तहत होगा चयन1

271 ब्लाकों में मिशन1राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश में भूजल स्तर की गिरावट रोकने और वर्षा जल संचयन व भूजल संसाधनों के समन्वित प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गुरुवार को कैबिनेट ने राज्य भूजल संरक्षण मिशन परियोजना के मार्गदर्शी सिद्धांत (गाइड लाइन) को मंजूरी दे दी है। इसमें भूगर्भ जल विभाग की संचालित सभी योजनाओं को शामिल किया गया है। सरकार ने इसके लिए 22 शहरों और 271 विकास खंडों को चयनित किया है। इस वित्तीय वर्ष में 35 विकास खंडों में यह परियोजना संचालित होगी। सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि भूजल का अधिकाधिक उपयोग हो रहा है। सिंचाई से लेकर पेयजल में भूजल का ही प्रयोग किया जा रहा है। भूजल संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं चल रही हैं। इस मिशन में सभी का समन्वय करना है। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में विदेशी कंपनी की मदद ली गई है।भूजल बचाने को 22 शहरों व 271 ब्लाकों में मिशन1राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश में भूजल स्तर की गिरावट रोकने और वर्षा जल संचयन व भूजल संसाधनों के समन्वित प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गुरुवार को कैबिनेट ने राज्य भूजल संरक्षण मिशन परियोजना के मार्गदर्शी सिद्धांत (गाइड लाइन) को मंजूरी दे दी है। इसमें भूगर्भ जल विभाग की संचालित सभी योजनाओं को शामिल किया गया है। सरकार ने इसके लिए 22 शहरों और 271 विकास खंडों को चयनित किया है। इस वित्तीय वर्ष में 35 विकास खंडों में यह परियोजना संचालित होगी। सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि भूजल का अधिकाधिक उपयोग हो रहा है। सिंचाई से लेकर पेयजल में भूजल का ही प्रयोग किया जा रहा है। भूजल संरक्षण के लिए अनेक योजनाएं चल रही हैं। इस मिशन में सभी का समन्वय करना है। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में विदेशी कंपनी की मदद ली गई है


।राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रदेश में संचालित 2090 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में बेसिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को कैबिनेट ने माध्यमिक विद्यालयों में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ाने वाले सहायक अध्यापकों को नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे राजकीय विद्यालयों में रिक्त पद भरे जाएंगे। इसके अलावा मानदेय के आधार पर भी ये पद भरे जाएंगे। 1सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि राजकीय इंटर कालेजों में सहायक अध्यापकों के 9342 पद रिक्त हैं। इनमें पुरुष संवर्ग में 4463 और महिला संवर्ग में 4879 पद रिक्त हैं। शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए परिषदीय शिक्षकों को यहां प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाएगा। चूंकि प्रदेश के 20 जिलों को छोड़कर बाकी 55 जिलों में बेसिक शिक्षक मानक से अधिक हैं। अस्थायी व्यवस्था के तहत प्रतिनियुक्ति पर इनका चयन किया जाएगा। संतोष जनक अधिकतम सेवा अवधि के आधार पर सहायक अध्यापक का चयन किया जाएगा। प्रतिनियुक्ति पर लिए जाने वाले सहायक अध्यापक को माध्यमिक शिक्षा विभाग में नियमित नियुक्ति होने तक या 31 मार्च 2018, तक जो भी पहले हो प्रतिनियुक्ति पर रखा जाएगा। शासन द्वारा किसी भी समय यह प्रतिनियुक्ति समाप्त की जा सकती है। बेसिक शिक्षा के इच्छुक दावेदारों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के जरिए चयन समिति को अपना आवेदन देना होगा। जो सहायक अध्यापक सेवानिवृत्त हो चुके हैं उन्हें मानदेय के आधार पर रखा जाएगा। 1परिषदीय स्कूलों में बड़ी संख्या में तैनात हैं बीएड: परिषदीय स्कूलों में विशिष्ट बीटीसी चयन और 72,825 शिक्षकों की भर्ती के जरिए बड़ी संख्या में स्नातक और बीएड योग्यता वाले शिक्षक तैनात हैं। ऐसे शिक्षकों की भी बड़ी तादाद है जो परास्नातक और बीएड हैं। एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता स्नातक और बीएड है। ऐसे में इनके प्रतिनियुक्ति पर जाने से एक साथ कई समस्या हल हो जाएगी। 1केंद्र के जीइएम पोर्टल से होगा अनुबंध : सरकारी महकमों में अब केंद्र सरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (जीइएम) से खरीदारी होगी। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अनुबंध करने का फैसला किया है। गुरुवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। देश के दर्जन भर राज्य जीइएम से खरीददारी कर रहे हैं। अब उप्र भी इसका उपयोग करेगा। कैबिनेट में इसकी चर्चा हुई। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे सप्लायर और वेंडर की सूची और उनके दर रहते हैं। इसका उपयोगिता के बारे में मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कैबिनेट को जानकारी दी। केंद्र में अपनी तैनाती के दौरान राजीव कुमार ने यह अनुभव साझा किया कि शिपिंग में एयर कंडीशनर खरीदे जाने थे। ई-मार्केट से खरीदारी करने पर 30 प्रतिशत व्यय कम हो गया। इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल पारदर्शिता आएगी बल्कि खर्च भी कम होगा। शासकीय विभागों में सामग्री खरीदने के लिए पूर्व डीजीएसएंडडी एवं उद्योग निदेशालय द्वारा की गई दर अनुबंध की व्यवस्था के अन्तर्गत सामग्री क्रय की जाती थी। 1

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