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Wednesday, 26 April 2017

शिक्षामित्रों के भाग्य के फैसले पर सुनबाई लगातार सुप्रीम कोर्ट मे होगी


शिक्षामित्रों के भाग्य के फैसले पर सुनबाई लगातार सुप्रीम कोर्ट मे होगी


 यूपी के प्राथमिक स्कूलो की सभी भर्तियो शिक्षामित्र समायोजन, 72825 शिक्षक भर्ती व एकेडमिक मैरिट पर बीटीसी टीईटी उतीर्ण शिक्षकों की नियुक्ति की सुनवाई आज 26 अप्रैल 2017 को माननीय सुप्रीम कोर्ट मे जस्टिस आदर्श गोयल, जस्टिस यू. यू. ललित की बेन्च नम्बर 13, आईटम नम्बर 33 पर लन्च से पहले लगभग 17 मिनट हुई! बाद न्यायमुर्ती ने केस पास ओवर करते हुये सुनबाई करने के लिये लन्च के बाद लगा दिया! जिसमे सरकारी अधिवक्ता व संगठन के अधिवक्ताओ ने शिक्षामित्रो का पक्ष मजबूती से रखने की पूरी तैयारी कर ली थी, परन्तु कोर्ट डिसचार्ज हो गई और कल सुनबाई कांटीन्यू रखने को कहा, अब कल पहले 72825, फिर एकेडमिक शिक्षक भर्ती पर फाईनल सुनबाई होगी! तब बाद मे शिक्षामित्र मेटर पर अन्त मे सुनबाई होगी! बताते चले कि माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद से शिक्षामित्रो का समायोजन निरस्त होने के बाद सरकार व दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने सर्वोच्च न्यायालय मे slp दायर कर हाईकोर्ट के निर्णय पर स्थगन आदेश का अनुरोध किया था! जिसपर कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे दिया था, जिसपर माननीय सुप्रीम कोर्ट अब लगातार सुनबाई कर फैसला दिया जायेगा! ऊधर आज सुबह दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संगठन के पदाधिकारियो ने भारत के गृहमंत्री माननीय राजनाथ सिहं से मुलाकात कर शिक्षामित्रो की पैरवी अच्छे अधिवक्ताओ से कराने का अनुरोध किया था, जिसपर माननीय द्वारा संगठन को पूर्ण आश्वासन दिया है! कोर्ट ने साफ कहा है कि सभी मेटर क्रमबद्ध तरीके से सुने जायेगे! और अब हम इस मेटर को फाईनल करेगे, बताते चले कि सरकार ने अपना शपथ पत्र भी कोर्ट मे दाखिल किया है! जिसमे शिक्षामित्रो को शिक्षको के स्थान पर दिखाया है! शीर्ष कोर्ट में एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों के समायोजन, 72 हजार शिक्षक भर्ती व टीईटी उत्तीर्ण युवाओं के प्रकरण की सुनवाई होनी है। जो पिछले दो वर्षो से बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की सुनवाई कोर्ट से लगातार टल रही है। इससे करीब दो लाख 75 हजार शिक्षकों की तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। उम्मीद है कि इस बार सुनवाई आगे नही बढ़ेगी। और सूबे के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1 लाख 37 हजार शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जा चुका है, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 सितंबर 2015 को उनका समायोजन रद्द कर दिया था। इस आदेश के बाद करीब 32 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन भी रोक दिया गया था। सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सात दिसंबर 2015 को समायोजित शिक्षामित्रों को राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही 72825 शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट व बीटीसी अभ्यर्थियों की भर्ती एकेडमिक मेरिट पर हुई थी। साथ ही 12091 की नियुक्ति, 1100 याची प्रकरण आदि मामले शीर्ष कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन हैं। इन सभी मामलों की सुनवाई आज 26 अप्रैल को होनी थी, शीर्ष कोर्ट मे जस्टिस आदर्श गोयल व जस्टिस यू.यू. ललित की बेंच इन मामलों की सुनवाई करेगी। पहले इस प्रकरण की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा व जस्टिस खानवेलकर कर रहे थे, लेकिन दोनों ने सुनवाई करने से इन्कार कर दिया था, तब नई बेंच का गठन किया गया है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिकी हैं। ऊधर सरकार की ओर से भी शिक्षामित्रो की मजबूत पैरवी के लिये शासन स्तर पर तैयारी चल रही है! शिक्षामित्रो की ओर से पैरवी हेतु सुप्रीम कोर्ट के जाने माने बरिष्ठ अधिवक्ताओ को पैरवी कराने की जिम्मेदारी सौपी गई है!

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